Ram Mandir Fake Donation Receipt: उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर को लेकर लगातार नईनई जानकारी सामने आ रही है। जांच के साथसाथ घोटाले को लेकर नएनए खुलासे हो रहे है। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामले में जांच के दौरान कई तरह की गड़बड़ी सामने आई हैं। अब मंदिर की पर्ची को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है।

इस बीच, पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के पास से राम मंदिर के नाम पर बनाई हुई चंदे की फर्जी रसीद बुक बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि अयोध्या पुलिस की जांच में आरोपियों ने खुद कबुल किया है कि वे चंढ़ावा चोरी के साथसाथ फर्जी रसीद देकर भी चढ़ावे का पैसा लोगों से ऐंठते थे।
आरोपियों के पास से मिली पुरानी फर्जी रसीद बुक
अयोध्या पुलिस को आरोपियों के पास से की पुरानी फर्जी रसीद बुक मिली। मिली जानकारी के अनुसार, शुरुआत में जब भी कोई भक्त आरोपी टिन्नू यादव, लवकुश, करुणेश, अनुकल्प मिश्रा और तमाम गिरफ्तार आरोपियों से मंदिर में दान देने की इच्छा जाहिर करता था। तो यह लोग उनसे चढ़ावा लेकर फर्जी रसीद काट कर दिया करते थे।
ताकि किसी को इन आरोपियों पर कोई शक न हो और इन पैसों का कोई लेखाजोखा भी न हो। फर्जी रसीद बुक और उसकी रसीद बिल्कुल असली रसीद बुक जैसी ही दिखती थी। इसलिए अब तक किसी को भी उनके इस फर्जीवाड़े पर कभी किसी को शक नहीं हुआ।
कोर्ट ने 3 आरोपियों को पुलिस रिमांड में भेजा
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी का मामला में तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है। अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने में दान की कथित चोरी के सिलसिले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से तीन को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की रिमांड मंजूर कर ली है।
VIDEO | Ayodhya Ram Temple donation theft case: Three accused being taken into police remand. Visuals from District Jail, Ayodhya.
A local court in Ayodhya granted a oneday police remand for three of the eight accused arrested in connection with the alleged theft of donations… pic.twitter.com/SfMetGEU7k
— Press Trust of India July 8, 2026
यहां होता था पैसों का बंटवारा
जाहिरसी बात है कि सभी आरोपियों की एकदूसरे पर भी पैनी नजर होती थी। चढ़ावा चोरी करने के बाद सभी मिलकर इन पैसों का बंटवारा करते थे। पुछताछ में पता चला कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर आरोपी पैसों का बंटवारा करते थे। फिलहाल, अयोध्या पुलिस अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश से आगे की पूछताछ कर रही है।
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इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और अविनाश शुक्ला बताया जा रहा है। अविनाश शुक्ला के पास से ब्रेजा गाड़ी भी बरामद की गई है, जो कि उसने अपने भाई के नाम पर खरीदी थी। जांच और पूछताछ में पता चला कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर पैसों बटवारा होता था।



