
तारीख 4 जुलाई की रात… जगह झांसी का मशहूर रामराजा दवा बाजार. बाजार बंद हो चुका था और चारों तरफ सन्नाटा था. सब कुछ बेहद सामान्य दिख रहा था. लेकिन किसी को कानों-कान खबर नहीं थी कि उसी बिल्डिंग की छत पर बने एक बाथरूम में दो लोग बुर्का पहने पिछले 5 घंटे से चुपचाप बैठे थे. जैसे ही घड़ी की सुइयों ने तड़के के 3 बजाए दोनों बुर्कापोश नीचे उतरे और गन पॉइंट पर लाखों की सनसनीखेज डकैती को अंजाम दे डाला. हालांकि खुद को शातिर समझने वाले इन बदमाशों का अंत भी फिल्मी ही हुआ. पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दोनों के पैर छलनी हो गए और अब वे सलाखों के पीछे हैं.
बाथरूम में 5 घंटे का इंतजार और बंधक बने गार्ड्स
पुलिस की तफ्तीश में जो खुलासा हुआ है वह हैरान करने वाला है. आरोपी बाजार बंद होने से पहले ही बुर्का पहनकर चुपचाप बिल्डिंग में दाखिल हो गए थे ताकि कोई उन्हें पहचान न सके. पकड़े जाने के डर से वे रातभर छत के बाथरूम में दुबके रहे. तड़के 3 बजे जब सन्नाटा गहराया तो दोनों नीचे आए. उन्होंने वहां ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों को तमंचे के बल पर दबोच लिया. गार्ड्स के हाथ-पैर बांधकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और एक कोने में डाल दिया गया.
गैस कटर से काटा शटर और लूट लिए लाखों
रास्ता साफ होते ही बदमाश पहली मंजिल पर स्थित महेश मेडिकल एजेंसी पहुंचे. वे अपने साथ बाकायदा तैयारी से आए थे. ग्राइंडर मशीन और गैस कटर की मदद से उन्होंने दुकान के शटर और ताले चुटकियों में काट डाले. इसके बाद दुकान और वेयरहाउस में रखी करीब 2 लाख रुपये की नकदी समेट ली.



