BusinessIndia

ITR भरते समय न करें ये गलतियां वरना नहीं मिल पाएगा आपको रिफंड

अगर आप समय पर और सही तरीके से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको इनकम टैक्स नोटिस, रिफंड में देरी, अतिरिक्त टैक्स और जुर्माने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से बाद में मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

ITR भरते समय न करें ये गलतियां वरना नहीं मिल पाएगा आपको रिफंड

1. गलत कटौती या छूट का दावा करना

हाल के दिनों में इनकम टैक्स विभाग ऐसे मामलों में ज्यादा नोटिस भेज रहा है. विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस डेटा एनालिटिक्स की मदद से हर दावे की जांच करता है. गलत सेक्शन में कटौती दिखाना, बिना सबूत के छूट लेना या गलत जानकारी देना नोटिस की वजह बन सकता है.

2. गलत ITR फॉर्म चुनना

सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है.

ITR1: नौकरीपेशा व्यक्ति, 50 लाख रुपये तक की आय, कोई कैपिटल गेन नहीं.
ITR3: बिजनेस या प्रोफेशन से आय वाले लोगों के लिए.

गलत फॉर्म भरने पर विभाग डिफेक्ट नोटिस भेज सकता है.

3. गलत असेसमेंट ईयर भरना

FY 202526 के लिए सही Assessment Year 202627 है. गलत AY भरने से टैक्स संबंधी परेशानी और जुर्माना लग सकता है.

4. व्यक्तिगत जानकारी गलत भरना

नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल, PAN, जन्मतिथि जैसी जानकारी PAN रिकॉर्ड के अनुसार ही भरें.

अगर रिफंड लेना है, तो बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भी सही दर्ज करें, नहीं तो रिफंड अटक सकता है.

5. सभी आय के स्रोत न बताना

सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि इनकम के हर स्रोत की जानकारी देना जरूरी है. जैसे—

  • सेविंग अकाउंट का ब्याज
  • FD का ब्याज
  • किराए की आय
  • डिविडेंड
  • कैपिटल गेन
  • अन्य कोई आय

भले ही कोई आय टैक्स फ्री हो, उसकी जानकारी देना जरूरी है.

6. जानकारी गलत फॉर्मेट में भरना

ITR में तारीख जैसी जानकारी तय फॉर्मेट DD/MM/YYYY में ही भरें. गलत फॉर्मेट से रिटर्न में त्रुटि आ सकती है.

7. Form 26AS से मिलान नहीं करना

ITR भरने से पहले Form 26AS और Form 16 का मिलान जरूर करें. अगर TDS की जानकारी 26AS में नहीं दिख रही है, तो उसका टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा.

8. AIS और TIS की जांच न करना

Annual Information Statement और Taxpayer Information Summary में आपकी आय, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी होती है. ITR भरने से पहले इनका मिलान जरूर करें.

9. दो कंपनियों से मिले Form 16 का सही इस्तेमाल न करना

अगर आपने नौकरी बदली है और दो कंपनियों से Form 16 मिला है, तो दोनों की सैलरी जोड़कर ITR में दिखानी होगी.

10. HRA का दावा नहीं करना

अगर आपने कंपनी में किराए की रसीद जमा नहीं की है, तब भी ITR भरते समय HRA छूट का दावा कर सकते हैं. इसके लिए मकान मालिक का PAN जरूरी हो सकता है.

11. उपलब्ध टैक्स कटौतियों का फायदा नहीं उठाना

आयकर कानून के तहत कई तरह की टैक्स छूट और कटौतियां मिलती हैं. सही जानकारी न होने के कारण कई लोग इनका लाभ नहीं ले पाते.

12. एडवांस टैक्स नहीं भरना

अगर एडवांस टैक्स लागू होता है, तो इसे तय तारीखों पर जमा करना जरूरी है. देरी या कम भुगतान पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना पड़ सकता है.

13. ITR का समय पर ईवेरिफिकेशन नहीं करना

ITR दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ईवेरिफिकेशन करना जरूरी है. यह नेट बैंकिंग, आधार OTP या EVC के जरिए किया जा सकता है. अगर ईवेरिफिकेशन नहीं करते हैं, तो ITRV पर हस्ताक्षर करके निर्धारित समय के भीतर CPC भेजना होगा.

14. Schedule AL की जानकारी नहीं देना

अगर आपकी कुल आय 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है, तो Schedule AL भरना जरूरी है. इसमें अपनी संपत्तियों और उनसे जुड़ी देनदारियों की जानकारी देनी होती है.

15. विदेशी संपत्तियों की जानकारी छिपाना

अगर आप भारत के निवासी हैं और आपके पास विदेश में बैंक खाता, शेयर, म्यूचुअल फंड, ESOP या अन्य संपत्ति है, तो उसकी जानकारी Schedule FA में देना अनिवार्य है, चाहे उस पर भारत में टैक्स लगता हो या नहीं.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply