
खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण आज ‘LDL कोलेस्ट्रॉल’ यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है। असल में LDL कोलेस्ट्रॉल हमारी धमनियों (Arteries) में जमा होने वाला एक गाढ़ा वसा (Fat) है, जो धीरे-धीरे रक्त के बहाव को रोकने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। राहत की बात यह है कि शुरुआत में ही सतर्क होकर इसे दवाइयों के बिना भी काफी हद तक संभाला जा सकता है। हाल ही में कंटेंट क्रिएटर और ब्रिटेन के सर्जन डॉ. राजन ने इंस्टाग्राम पर कुछ वैज्ञानिक शोधों पर आधारित ऐसी आदतें साझा कीं, जिन्हें नियमित रूप से अपनाने पर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कम करने में मदद मिल सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के नेचुरल तरीके।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करेगा घुलनशील फाइबर
डॉ. राजन ने बताया अगर आपको खराब कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है तो आपको अपनी डाइट में घुलनशील फाइबर (Soluble Fibre) का सेवन बढ़ाना होगा। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप रोजाना ओट्स, दाल, बीन्स जैसी चीजों से केवल 5 से 10 ग्राम घुलनशील फाइबर लेते हैं तो आप LDL कोलेस्ट्रॉल लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक कम कर सकते है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है तो हेल्दी फैट खाएं
डॉ. राजन ने सलाह दी कि अगर आप खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप संतृप्त वसा की जगह हेल्दी फैट का सेवन करें। मक्खन और फैटी प्रोसेस्ड मीट की जगह ऑलिव ऑयल, नट्स,सीड्स और ऑयली फिश का सेवन करें। एक्सपर्ट ने बताया 60 क्लीनिकल ट्रायल्स के मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि अगर संतृप्त वसा की जगह असंतृप्त (Unsaturated) वसा ली जाए तो LDL कोलेस्ट्रॉल में 17 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा एक्सपर्ट ने बताया आप सोया, टोफू, दालें और दूसरे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का सेवन करें फायदेमंद होगा, क्योंकि पौधों से मिलने वाले प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता।
वजन कम करना और नियमित व्यायाम भी जरूरी
डॉ. राजन ने बताया कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए वजन कंट्रोल करना और बॉडी को रेगुलर एक्टिव रखना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आपका वजन अधिक है, तो शरीर के कुल वजन का सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत कम करने से LDL कोलेस्ट्रॉल में लगभग 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही ट्राइग्लिसराइड और HDL यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बेहतर होता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करते हैं तो इससे LDL कोलेस्ट्रॉल 3 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
रेगुलर बॉडी एक्टिविटी रक्त वाहिकाओं (एंडोथेलियल फंक्शन) की कार्यक्षमता सुधारने, सूजन कम करने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करती है। अगर लम्बे समय तक लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव किया जाए तो आसानी से खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए स्टैटिन या PCSK9 इनहिबिटर जैसी दवाओं की जरूरत पड़ती है, तो ये लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव उन दवाओं को और अधिक प्रभावी बना देते हैं।
लंबे समय तक LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहने पर शरीर में क्या होता है?
कार्डिया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. सी.एम. नागेश बताते हैं जब LDL कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह धीरे-धीरे धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर जमा होने लगता है। इससे प्लेक (Plaque) बनता है। इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है, जिसमें धमनियां संकरी और कठोर होती जाती हैं। एक्सपर्ट ने बताया जैसे-जैसे रक्त संचार बाधित होता है, दिल और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन युक्त रक्त कम पहुंचता है। यदि यह प्लाक फट जाए, तो खून का थक्का (Blood Clot) बन सकता है, जो रक्त प्रवाह को अचानक रोक देता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह नुकसान कई वर्षों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता रहता है।
LDL कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए डाइट में क्या बदलाव करें?
डॉ. नागेश के अनुसार अगर आप कोलेस्ट्रॉल को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप तले हुए खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड स्नैक्स से परहेज करें। आप इन फूड्स की जगह हेल्दी ऑप्शन जैसे मेवे,सीड्स, फल और फाइबर से भरपूर भोजन का सेवन करें। ये डाइट लिपिड प्रोफाइल में बेहतरीन सुधार ला सकती है। ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी फैट का इस्तेमाल करें, प्रोसेस्ड मीट कम खाएं और दालें, ओट्स तथा हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें, क्योंकि ये फूड अप्रत्यक्ष रूप से मेटाबॉलिक हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल के पैटर्न को बढ़ावा देते हैं। डॉ. नागेश कहते हैं कि रोजाना 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलना, नियमित व्यायाम, वजन कम करना और संतुलित आहार अपनाने से कुछ महीनों के भीतर LDL कोलेस्ट्रॉल में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है।
कब पड़ती है दवा की जरूरत?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर लाइफस्टाइल में बदलाव के बावजूद कोलेस्ट्रॉल लगातार अधिक बना रहे, या व्यक्ति को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान की आदत है, मोटापा या कम उम्र में दिल के रोगों की फैमिली हिस्ट्री है तो दवा शुरू करना जरूरी हो जाता है। ऐसे मामलों में इलाज में देरी करने से भविष्य में हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या नई दिनचर्या शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।



