Chhatarpur News: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाला मामला प्रकाश में आया है. यहां अमरोनिया जंगल में 22 साल के एक युवक मनीराम रैकवार की बेरहमी से हत्या कर दी गई. हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को बरगा हार नाले के पास पानी भरे गड्ढे में पत्थरों से पूरी तरह ढक दिया था ताकि किसी को भनक न लग सके. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी और प्रेमप्रसंग के एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है.

इस खौफनाक वारदात की शुरुआत दो दिन पहले एक गुमशुदगी से हुई थी. ग्राम सिगरामपुरा निवासी मनीराम रैकवार 9 जुलाई को अपने घर से बाइक लेकर गेहूं पिसाने के लिए निकला था. जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते सटई थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस ने जब तलाश शुरू की, तो सबसे पहले अमरोनिया जंगल के भीतर युवक की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में बरामद हुई. इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने जंगल में बड़ा सर्च अभियान चलाया, जिसके बाद नाले के पास पत्थरों के नीचे छिपाया गया युवक का खून से लथपथ शव मिल गया.
गला घोंटकर उतारा मौत के घाट, नुकीली चीज से भी किया वार
मनीराम को मौत के घाट उतारने के लिए कातिलों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं. प्रारंभिक जांच और मौके पर पहुंचे डॉक्टरों के अनुसार, युवक की पहले गला घोंटकर हत्या की गई थी. इसके अलावा उसके गले और शरीर पर किसी नुकीली वस्तु से वार किए जाने के गहरे जख्म भी मिले हैं. बीएमओ डॉ. महेश त्रिवेदी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. मौत के वास्तविक कारणों और समय की सटीक पुष्टि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी.
परिजनों का फूटा गुस्सा, सटई बस स्टैंड पर लगाया चक्काजाम
बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और सटई बस स्टैंड पर एकत्रित होकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. इसके चलते करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा. माहौल बिगड़ता देख नायब तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम और सटई थाना प्रभारी सुनीता बिंदुआ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आरोपियों के खिलाफ त्वरित व सख्त कानूनी कार्रवाई का लिखित आश्वासन देकर जाम खुलवाया.
महज दो महीने पहले हुई थी शादी, पत्नी पर साजिश का शक
इस हत्याकांड के पीछे पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों की एक गहरी परत सामने आ रही है. मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर मनीराम की पत्नी पर इस पूरी हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि मनीराम का विवाह महज दो महीने पहले ही हुआ था और शादी के बाद से ही घर में कुछ ठीक नहीं चल रहा था. पुलिस ने इस सिलसिले में किशनगढ़ के रहने वाले तीन युवकों अलहुआ, अखिलेश पटेल और भरत यादव को हिरासत में ले लिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में मामला प्रेमप्रसंग और शादी से उपजे किसी पुराने विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है. इस मामले में एक अन्य महिला की संदिग्ध भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है.
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा का आधिकारिक बयान
पूरे घटनाक्रम पर छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि अमरोनिया जंगल में युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी थी. संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस की टीमें सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही हैं. एसपी ने आश्वस्त किया कि सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच जारी है और जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का आधिकारिक तौर पर खुलासा कर दिया जाएगा.


