
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में साइबर सेल और रामगढ़ताल पुलिस की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने देशव्यापी साइबर ठगी करने वाले एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके एक मुख्य सदस्य शिवम साहनी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था और उस रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीन, लाओस और कंबोडिया जैसे देशों में बैठे मास्टरमाइंड्स को भेज रहा था।
फर्जी खातों से ₹8.37 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी शिवम साहनी रामगढ़ताल के झरवा गांव का निवासी है। उसने अपने साथियों (दुर्गेश साहनी और एक अन्य) के साथ मिलकर राजघाट, रामगढ़ताल और तिवारीपुर इलाके के करीब 25 से 30 गरीब और जरूरतमंद लोगों को अच्छी नौकरी और आर्थिक मदद का झांसा दिया था। इन मासूम लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए और उनके सिम कार्ड आरोपियों ने अपने पास रख लिए। देश भर में होने वाली साइबर ठगी का पैसा सबसे पहले इन्हीं खातों में आता था। अब तक की जांच में इन ‘म्यूल खातों’ के जरिए 8 करोड़ 37 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हो चुकी है।
क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशों में ट्रांसफर का खेल
ठगी की रकम बैंक खातों में आने के बाद आरोपी एटीएम, यूपीआई, फोनपे और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पैसे निकाल लेते थे। इसके बाद इस कैश को यूएसडीटी (USDT) और अन्य क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था, ताकि पुलिस या जांच एजेंसियां पैसों के स्रोत और गंतव्य का पता न लगा सकें। यह डिजिटल करेंसी सीधे चीन, लाओस और कंबोडिया के नेटवर्क को ट्रांसफर कर दी जाती थी।
10 प्रतिशत कमीशन का खेल और स्कार्पियो की सवारी
पूछताछ में पता चला है कि शिवम साहनी ने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की है। वह खुद को समाज में इन्वेस्टमेंट का कारोबारी बताता था। इस पूरी ठगी और विदेशी नेटवर्क को पैसे पहुंचाने के बदले शिवम को 10 प्रतिशत का मोटा कमीशन मिलता था। इसी काली कमाई से उसने हाल ही में एक स्कार्पियो गाड़ी भी खरीदी थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
मजदूर की शिकायत पर हुआ महाठगी का पर्दाफाश
इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब अजनवनिया गांव के एक मजदूर अखिलेश निषाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अखिलेश ने बताया कि नौकरी और मदद का झांसा देकर कुछ लोगों ने उसके नाम पर खाते खुलवाए और बाद में उन खातों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जब पुलिस मुख्यालय से इन खातों में करोड़ों के ट्रांजैक्शन का इनपुट मिला, तो साइबर सेल अलर्ट हो गई और रविवार को आरोपी को दबोच लिया गया।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, इस फ्रॉड के अंतरराष्ट्रीय और विदेशी नेटवर्क की भी गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर विदेशों में यह पैसा किस-किस तक पहुंच रहा था।



