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Modi Cabinet Decisions: सेमीकॉन 2.0 मिशन और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, 5 साल में ₹62,500 करोड़ का निवेश

Modi Cabinet Decisions: केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी के नए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने सेमीकॉन 2.0 मिशन को भी हरी झंडी दिखाई है। बुधवार, 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वाराणसी में 46 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी गई। इनमें एक फोरलेन और दूसरा सिक्सलेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। दोनों कॉरिडोर वरुणा नदी के किनारे विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Modi Cabinet Decisions: सेमीकॉन 2.0 मिशन और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, 5 साल में ₹62,500 करोड़ का निवेश

दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे

 

#WATCH | Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “Let us first look at Varanasi today. Approximately 15 crore tourists visit Kashi annually… Today, two major approvals have been granted for nextlevel infrastructure development. The first is a complete sixlane and… pic.twitter.com/EFAhWNoe7H

— ANI July 15, 2026

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए वाराणसी में दो आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। जिसमें पहला प्रोजेक्ट वरुण एक्सप्रेसवे है, जो वरुण नदी के किनारे विकसित किया जाएगा। यह करीब 43 किलोमीटर लंबा छह और चार लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसके साथ ही इस परियोजना के लिए 10,998 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं इसे हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल के तहत बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इसे लगभग चार साल में पूरा करने का है।

गंगा नदी के किनारे बनेगा 46 किलोमीटर लंबा छहलेन कॉरिडोर

#WATCH | The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Narendra Modi has approved the Semicon 2.0 for the development of India’s semiconductor design and manufacturing ecosystem, with a total budget outlay of Rs.1,27,500 crore.

Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “We all… pic.twitter.com/NhPPLT5G4b

— ANI July 15, 2026

अब बात दूसरा प्रोजेक्ट की, जो गंगा नदी के किनारे बनने वाला 46 किलोमीटर लंबा छहलेन एलिवेटेड कॉरिडोर है। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ते हुए IITBHU, लंका चौक और रामनगर तक जाएगा। इस दौरान गंगा पर एक आकर्षक सिग्नेचर ब्रिज भी बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 14,448 करोड़ रुपये है।

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बैठक में कैबिनेट ने सेमीकॉन 2.0 मिशन को भी मंजूरी दी गई, जिसके लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिजाइन, चिप निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग और पूरे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है, ताकि देश वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में मजबूत पहचान बना सके।

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अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज के दौर में सेमीकंडक्टर चिप्स लगभग हर आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कैमरा, टीवी, फ्रिज, एसी, कार, ट्रेन से लेकर रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली मिसाइलों तक, हर जगह सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और सेमीकॉन 2.0 भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथसाथ वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 

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