नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दम पर लगातार आसमान छू रही दिग्गज चिपमेकर कंपनी एनवीडिया को एक बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट के बाद एनवीडिया ने दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का अपना रुतबा खो दिया है। टेक दिग्गज एप्पल ने एक बार फिर बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है।मई 2025 से लगातार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में काबिज एनवीडिया के शेयरों में शुक्रवार को 3.7% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह से कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया।

मार्केट कैप में बड़ा उलटफेर
दूसरी तरफ, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल के शेयरों में 0.4% की मामूली बढ़त देखी गई, जिसने इसकी कुल वैल्यू को 4.9 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा दिया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशक अब उन कंपनियों से अपना पैसा निकाल रहे हैं जो पूरी तरह से AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर हैं। निवेशक सुरक्षित ठिकानों की तरफ रुख कर रहे हैं। एचएसबीसी की ओर से एप्पल की रेटिंग को Hold से अपग्रेड करके Buy किया था, जिसने एप्पल की इस बढ़त में अहम भूमिका निभाई है।
इस वजह से आया उतारचढ़ाव
इस पूरे उतारचढ़ाव के पीछे चीन से आई एक बड़ी खबर को जिम्मेदार माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के एक AI स्टार्टअप Moonshot ने एक नया और बेहद एडवांस AI मॉडल डेवलअप कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि यह मॉडल OpenAI और Anthropic जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे सकता है। गौरतलब है कि ये अमेरिकी कंपनियां अपनी AI टेक्नोलॉजी के लिए पूरी तरह से एनवीडिया के चिप्स पर निर्भर हैं। चीन में तैयार हुए इस नए AI मॉडल के बाद निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारीभरकम खर्च अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में चिप्स की मांग में कमी आ सकती है।
इस हफ्ते सेमीकंडक्टर बाजार में हाहाकार
चिप बनाने वाली कंपनियों के लिए यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कंपनियों के अत्यधिक बढ़े वैल्यूएशन के कारण निवेशकों ने टेक्नोलॉजी सेक्टर से दूरी बनानी शुरू कर दी है। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स शुक्रवार को 4.8% टूट गया, जो जून के अपने रिकॉर्ड स्तर से 20% से अधिक की गिरावट है। टेक्निकली इसे बियर मार्केट माना जाता है।



