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खगड़िया-सहरसा सफर होगा आसान, SH-95 पर मृत कोसी पुल शुरू

 खगड़िया
 661 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन और फरकिया की लाइफलाइन माने जाने वाले एसएच95 के अंतर्गत मृत कोसी नदी पर पुल बनकर तैयार हो गया है। इससे इस पथ पर यात्रा करने वाले लोगों का सफर आसान हो गया है।

खगड़िया-सहरसा सफर होगा आसान, SH-95 पर मृत कोसी पुल शुरू

मालूम हो कि एसएच95 का बड़ा हिस्सा बनकर तैयार है, जिससे होकर वर्तमान में आवागमन हो रहा है। विभाग के अनुसार, दिसंबर 2026 तक यह सड़क पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी।

एसएच95 निर्माण परियोजना से जुड़े प्रोजेक्ट इंजीनियर सौरव राज ने बताया कि मृत कोसी नदी पर बने पुल से होकर चौपहिया वाहनों का परिचालन शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि बरसात के समय मृत कोसी नदी के बगल में बनी डायवर्सन सड़क पर जलजमाव हो जाता था, जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी होती थी। यह समस्या अब दूर हो गई है।

खगड़िया को सहरसा से जोड़ने वाली एसएच95 परियोजना में कुल चार पुलों का निर्माण होना है, जिनमें मृत कोसी नदी पर नवनिर्मित पुल भी शामिल है।

प्रोजेक्ट से जुड़े प्लानिंग इंजीनियर गौतम गंभीर ने बताया कि कात्यायनी नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य भी अंतिम चरण में है। आगामी 15 अगस्त तक इस पुल से होकर भी चौपहिया वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बागमती नदी पर निर्माणाधीन पुल से होकर वाहनों का परिचालन सितंबर माह में शुरू करने की योजना है।
दशकों बाद मां कात्यायनी स्थान के निकट स्थित रिटायर्ड रेलवे पुल

संख्या50 से मिलेगी मुक्ति
खगड़िया से सड़क मार्ग से होकर मां कात्यायनी स्थान जाने के लिए, रिटायर्ड रेलवे लाइन पर बने दो पुलों—पुल संख्या50 एवं पुल संख्या51 —को पार करना पड़ता है।

मालूम हो कि खगड़िया से सहरसा के बीच बड़ी लाइन के निर्माण से पहले, इन पुलों से होकर ट्रेनों का परिचालन होता था।

खगड़िया से सहरसा के बीच ब्रॉड गेज बनने के दौरान, छोटी लाइन के लिए बने इन पुलों के समानांतर नए पुलों का निर्माण कराया गया, जिनसे होकर अब ट्रेनों का परिचालन होता है। जबकि, परित्यक्त पुलों से होकर सड़क मार्ग के यात्री यात्रा करते हैं।

मीटर गेज पर बने ये पुराने पुल रेलवे के लिए अनुपयोगी हो गए थे। मां कात्यायनी स्थान जाने वाले श्रद्धालुओं अथवा उस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों ने 2005 के बाद से इस मीटर गेज के अनुपयोगी पुल को सड़क मार्ग के रूप में उपयोग में लाना शुरू कर दिया था।

वर्ष 2023 में एसएच95 का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद, निर्माण सामग्री को कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए वर्ष 2024 में उक्त मीटर गेज के रिटायर्ड पुलों की मरम्मत कर उन्हें वाहनों के परिचालन के लायक बनाया गया।

आगामी 15 अगस्त तक कात्यायनी नदी पर नवनिर्मित पुल से होकर वाहनों का परिचालन शुरू होने के बाद, लोगों को कात्यायनी नदी के निकट बने रिटायर्ड पुल संख्या50 से होकर आवागमन करने से मुक्ति मिल जाएगी।

परियोजना से जुड़े एडमिन मैनेजर संजय राय ने बताया कि सितंबर माह तक बागमती नदी पर निर्माणाधीन पुल से भी वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद मां कात्यायनी स्थान जाने वालों को बदलाघाट एवं कात्यायनी मंदिर के बीच स्थित रिटायर्ड पुल संख्या50 व 51 से होकर आवागमन करने की मजबूरी से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

 

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