भारत के सबसे बड़े रिटेलर्स ऑफलाइन स्टोर खोलने की रफ़्तार को चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर ले जा रहे हैं. कई कंपनियां इस विस्तार के लिए डेट और इक्विटी मार्केट से फंड जुटा रही हैं. अमेजन और समारा कैपिटल के सपोर्ट वाली ‘मोर रिटेल’, टाटा ग्रुप की ‘ट्रेंट’ और DMart चलाने वाली ‘एवेन्यू सुपरमार्ट्स’ ने मिलकर इस फाइनेंशियल ईयर में विस्तार के लिए 4,000 करोड़ से ज्यादा रकम जुटाई है या जुटाने की योजना बनाई है. इससे ग्रोथ में होने वाला निवेश सालदरसाल तेजी से बढ़ा है.

रिलायंस रिटेल ने 202526 में अपना नॉनकरंट बैंक लोन 14,809 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 22,521 करोड़ रुपए कर दिया. कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा कि वह अगले 910 महीनों में अपने ओमनीचैनल इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर ‘डार्क स्टोर्स’ में निवेश जारी रखेगी और साथ ही छोटे शहरों में अपने फ़िज़िकल स्टोर नेटवर्क का विस्तार भी करेगी. कंपनी 700 से ज्यादा डार्क स्टोर्स चलाती है. रिलायंस रिटेल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर दिनेश तलुजा ने कहा कि हम नेटवर्क के विस्तार और बाजारों में अपनी पैठ बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं, इसलिए निवेश जारी रहेगा.
कंपनियों ने कितने स्टोर्स खोले?
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार देश के 10 सबसे बड़े लिस्टेड रिटेलर्स — जिनमें रिलायंस रिटेल, DMart, ट्रेंट, टाइटन कंपनी, जुबिलेंट फ़ूडवर्क्स और Vमार्ट रिटेल शामिल हैं — ने 202526 में बंद हुए स्टोर्स को घटाकर कुल 2,182 नए स्टोर्स जोड़े. यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के 1,745 स्टोर्स के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है. ज्यादातर रिटेलर्स ने पिछले दो फाइनेंशियल ईयर्स में कई घाटे वाले आउटलेट्स बंद करने के बाद 202526 में विस्तार तेज किया. उन्होंने 202324 में 1,865 स्टोर्स जोड़े थे. इंडस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल का विस्तार 202122 और 202223 में कोविड19 के बाद बढ़ी हुई मांग की वजह से हुई तेजी के बाद सबसे तेज होने की उम्मीद है.
विदेशी कंपनी से जुटाए 500 करोड़
बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ‘टोफलर’ से मिली जानकारी के अनुसार, ‘मोर रिटेल’ ने हाल ही में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइल की गई रिपोर्ट में कहा है कि वह अपने ओमनीचैनल बिजनेस में भारी निवेश कर रही है. इस बिजनेस में ग्रोथ को सपोर्ट करने और नेगेटिव कैश फ़्लो को फ़ंड करने के लिए काफी कैपिटल की ज़रूरत होती है. फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने ‘द हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन’ के साथ नॉनकन्वर्टिबल डिबेंचर के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए दो किश्तों में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाए. इस महीने की शुरुआत में, एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए एक या ज़्यादा किश्तों में 1,000 करोड़ रुपए तक के नॉनकन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करने को मंजूरी दी थी.
ट्रेंट जुटाएगा 2500 करोड़
वहीं, ट्रेंट ने पिछले क्वार्टर में शेयरधारकों से 2,500 करोड़ रुपए तक जुटाने की मंजूरी ली थी, ताकि “चुनिंदा निवेशों” को तेजी दी जा सके. इन निवेशों में स्टोर का विस्तार, मौजूदा आउटलेट्स को अपग्रेड करना, स्टार स्टोर्स को तेज़ी से शुरू करना और रिटेल रियल एस्टेट में चुनिंदा निवेश शामिल हैं. अरविंद फैशन्स ने निवेशकों को बताया कि उसकी योजना 202627 में 1,50,000 वर्ग फुट नेट रिटेल स्पेस जोड़ने की है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में 1,40,000 वर्ग फुट स्पेस जोड़ा गया था.



