
नई दिल्ली: आमतौर पर बाजार में मिलने वाले नारियल का वजन 1 से 2 किलो के बीच होता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी नारियल है जिसका वजन 15 से 30 किलो तक पहुंच सकता है। अपने विशाल आकार और वजन के कारण यह पूरी दुनिया में बेहद खास माना जाता है। यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक बीज भी कहा जाता है।
इस अनोखे नारियल का नाम कोको डे मेर (Coco de Mer) है। यह सामान्य नारियल से न केवल आकार में कई गुना बड़ा होता है, बल्कि इसका बीज भी दुनिया के किसी भी अन्य पौधे के बीज से बड़ा माना जाता है।
कहां पाया जाता है यह दुर्लभ नारियल?
कोको डे मेर प्राकृतिक रूप से केवल सेशेल्स (Seychelles) के कुछ चुनिंदा द्वीपों पर पाया जाता है। यह दुर्लभ पाम प्रजाति दुनिया के सबसे अनोखे पेड़ों में गिनी जाती है और इसकी सुरक्षा के लिए वहां की सरकार ने विशेष नियम लागू किए हैं।
फल पकने में लग जाते हैं 6 से 7 साल
इस पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसे विकसित होने में कई वर्ष लगते हैं। वहीं, एक फल को पूरी तरह पकने में भी करीब 6 से 7 साल का समय लग सकता है। इसी कारण इसे दुनिया के सबसे धीमी गति से विकसित होने वाले बीजों में भी शामिल किया जाता है।
दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक बीज
वनस्पति वैज्ञानिकों के अनुसार, कोको डे मेर का बीज पृथ्वी पर पाया जाने वाला सबसे बड़ा प्राकृतिक बीज है। इसका वजन कई बार एक छोटे बच्चे के वजन के बराबर यानी 30 किलोग्राम तक पहुंच जाता है।
सरकार ने बनाए हैं सख्त नियम
कोको डे मेर की दुर्लभता को देखते हुए सेशेल्स सरकार ने इसके संरक्षण के लिए कड़े नियम बनाए हैं। बिना अनुमति इसके फल या बीज को देश से बाहर ले जाना प्रतिबंधित है। इसके अवैध व्यापार पर भी सख्त निगरानी रखी जाती है।
अपनी अनोखी बनावट और विशाल आकार के कारण यह नारियल दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हर साल हजारों लोग सेशेल्स पहुंचकर इस दुर्लभ पेड़ और इसके विशाल फलों को देखने आते हैं।



