नई दिल्ली। जंतरमंतर पर चल रहे नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफदिल्ली पुलिस कड़ी कार्रवाई शुरू करने की तैयारी में है। अधिकारी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की योजना बना रही है।

सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। हिंसा में सक्रिय भूमिका पाए जाने वालों के पासपोर्ट लागू कानूनी प्रावधानों के तहत रद्द किए जा सकते हैं।
वीडियो रिकॉर्डिंग जांच रही पुलिस
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि चल रहे सीजेपी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे तौर पर शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन लोगों की पहचान शुरू कर दी है, जो प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और दंगों में सीधे तौर पर शामिल थे।
पासपोर्ट हो सकते हैं रद्द
सूत्रों ने बताया कि हिंसा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र कनॉट प्लेस में बिगड़ते हालात को देखते हुए गुरुवार को सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस संबंध में नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव की ओर से एक अत्यावश्यक सलाह जारी किया गया। एडवाइजरी के अनुसार, नई दिल्ली नगर परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के टेलीफोन पर दिए गए निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए 23 जुलाई को सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय और रेस्तरां शाम 6:30 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद कर दिए जाएं।
सभी प्रतिष्ठान मालिकों और संचालकों से प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने और पूरा सहयोग देने की अपील की गई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति से बचना, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा संपत्ति के संभावित नुकसान और किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 19 जुलाई को कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त को ईमेल भेजकर 22 जुलाई को शाम 4 बजे से उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से मध्य कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड तक रैली निकालने की अनुमति मांगी गई थी। यह ईमेल कथित तौर पर देदीप्यो गांगोपाध्याय ने भेजा था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने 22 जुलाई को प्रस्तावित इस रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद पुलिस को उसी ईमेल पते पर एक और ईमेल मिला, जिसमें 24 जुलाई को उसी मार्ग पर रैली निकालने की अनुमति मांगी गई। यह ईमेल भी देदीप्यो गांगोपाध्याय की ओर से भेजा गया था। दूसरे ईमेल के बाद कोलकाता पुलिस ने गांगोपाध्याय के बारे में जांच शुरू की, जिन्होंने खुद को सीजेपी का सक्रिय सदस्य बताया है।
बता दें कि सीपी के पास जंतरमंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। जहां 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान हिंसा भी हुई थी, जिसके बाद हालात बिगड़ गए थे, लेकिन फिलहाल स्थिति शांत है और पुलिसप्रशासन किसी भी अनहोनी को टालने के लिए सभी एहतियाती कदम उठा रही है।



