Govardhan Mudiya Purnima Fair 2026: ब्रज की पावन धरा पर एक बार फिर आस्था का विराट सागर उमड़ पड़ा है। गिरिराज महाराज की दिव्य नगरी गोवर्धन में विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला आज से प्रारंभ हो गया है, जो 30 जुलाई तक चलेगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, समर्पण और भक्ति का अनुपम संगम है।

देशविदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देशन में पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर ज़ोन, 21 ज़ोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
मंदिर परिसर और प्रमुख स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। वहीं जेबकतरी, चोरी और छेड़खानी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी लगातार निगरानी रखेंगे।
“अतिथि देवो भव” की भावना से व्यवहार का निर्देश
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से विशेष रूप से कहा है कि दूरदराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ “अतिथि देवो भव” की भावना से व्यवहार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को अधिकारीकर्मचारी जैसा नहीं, बल्कि भगवान के अतिथि के रूप में सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।
24 घंटे आधुनिक कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए 6 स्थायी एवं 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर, 150 बैरियर तथा 183 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 24 घंटे आधुनिक कंट्रोल रूम से निगरानी होगी। को सुचारु रखने के लिए बड़े पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं तथा परिक्रमा मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, साथ ही विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है।
“राधेराधे” और “गिरिराज महाराज की जय” के जयघोष से गुंजा गोवर्धन धाम
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई की परिक्रमा भक्तों के सभी कष्ट दूर कर जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है। इसी दिव्य विश्वास के साथ आज पूरा गोवर्धन धाम “राधेराधे” और “गिरिराज महाराज की जय” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा है।



