Vindhya Expressway Land Acquisition: उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। लगभग 333 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र के कुल 341 गांवों से करीब 4611 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

इस परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हाल ही में राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।
चार जिलों के गावों की भूमि होगी अधिग्रहित
परियोजना के तहत प्रयागराज के 84 गांवों, भदोही के 58 गांवों, मिर्जापुर के 91 गांवों और सोनभद्र के 108 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। प्रयागराज में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसील होंगे। यहां लंबे समय से अलाइनमेंट का कार्य चल रहा है और अधिकांश गांवों का प्रारंभिक सर्वे पूरा हो चुका है। शेष गांवों का सत्यापन तेजी से कराया जा रहा है।
भूमि का मूल्य निर्धारण करने के लिए होगा जिला स्तरीय समिति गठन
की प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक निगरानी में होगी। सभी गांवों के सत्यापन के बाद भूमि का मूल्य निर्धारण करने के लिए जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर किसानों से जमीन का बैनामा कराया जाएगा और मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। कृषि भूमि, मकान, नलकूप और अन्य परिसंपत्तियों का अलगअलग मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा मिल सके।
गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा विंध्य एक्सप्रेसवे
के सोरांव क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे के निकट जुड़पुर दांद के पास से शुरू होगा और आगे भदोही, मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक पहुंचेगा। इसे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश के पूर्वी और विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके बनने से औद्योगिक निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
साथ ही प्रयागराज से सोनभद्र तक की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथसाथ पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगी।



