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Amravati News: अमरावती में 4.39 लाख उपभोक्ता पात्र, रूफटॉप सोलर योजना का उठाएं लाभ

Amravati Rooftop Solar Scheme: गरीबी रेखा से नीचे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को, जिनकी मासिक बिजली खपत 100 यूनिट से कम है, बिजली बिल से राहत देने के लिए राज्य सरकार ने स्वयंपूर्ण महाराष्ट्र रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर स्मार्ट योजना शुरू की है। इस योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ता केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सब्सिडी से केवल 2,500 रुपये में 1 किलोवॉट का सोलर प्रोजेक्ट लगा सकेंगे। मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने पात्र नागरिकों से जल्द आवेदन करने की अपील की है। अमरावती सर्किल में 4.39 लाख से अधिक पात्रअमरावती सर्किल में इस योजना के लिए 4 लाख 39 हजार 809 उपभोक्ता पात्र हैं।

Amravati News: अमरावती में 4.39 लाख उपभोक्ता पात्र, रूफटॉप सोलर योजना का उठाएं लाभ
Amravati News: अमरावती में 4.39 लाख उपभोक्ता पात्र, रूफटॉप सोलर योजना का उठाएं लाभ

इनमें अमरावती जिले के 2 लाख 13 हजार 592 और यवतमाल जिले के 2 लाख 26 हजार 217 उपभोक्ता शामिल हैं। वर्ष 202627 में सर्किल के 19 हजार 43 लाभार्थियों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 2 हजार 88 बीपीएल और 16 हजार 955 सामान्य श्रेणी के पात्र उपभोक्ता शामिल हैं। सब्सिडी से घटेगी लागत1 किलोवॉट सोलर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 50 हजार रुपये है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार 30 हजार रुपये की सब्सिडी देती है। बीपीएल हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से 17,500 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी।

BPL परिवारों के लिए बड़ी राहत

इस कारण उन्हें केवल 2,500 रुपये का अंशदान देना होगा। और अनुसूचित जनजाति के पात्र लाभार्थी 5 हजार रुपये देकर योजना का लाभ ले सकते हैं। वहीं अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र उपभोक्ताओं को 10 हजार रुपये का अंशदान करना होगा। 8,082 आवेदन, सिर्फ 3 ने किया भुगतानअब तक मंडल के 8,082 नागरिकों ने आवेदन किया है और उनके तकनीकी सर्वेक्षण व अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, अभी तक केवल 3 लाभार्थियों ने निर्धारित राशि जमा कराई है।

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2,500 रुपये में लगाएं रूफटॉप सोलर सिस्टम

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक घरेलू बिजली उपभोक्ता होना चाहिए, उसके पास वैध बिजली कनेक्शन और छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। पिछले 12 महीनों में औसतन 100 यूनिट से कम बिजली की खपत होनी चाहिए तथा पहले किसी सौर सब्सिडी का लाभ नहीं लिया होना चाहिए। लाभार्थियों को आईईसी प्रमाणित के साथ पांच वर्ष का निःशुल्क रखरखाव मिलेगा। इस प्रणाली से बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है और अतिरिक्त बिजली महावितरण को बेचकर आय भी अर्जित की जा सकेगी। महावितरण ने पात्र उपभोक्ताओं से नेशनल सोलर पोर्टल पर पंजीकरण कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

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