पटना
राष्ट्रीय उच्च पथ के निर्माण आ रही बाधा और सूचना के समन्वय के लिए पोर्टल विकसित होगा। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने गुरुवार को एनएच परियोजना के क्रियान्वयन में आ रहे अवरोधों की समीक्षा की।

उन्होंने विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने हेतु ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो।
इस बाबत आयोजित बैठक में राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडलों में संचालित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिता स्थानांतरण तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पथ निर्माण विभाग के सचिव ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने और शेष अवरोधों के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इन परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष रूप से समीक्षा हुई। एनएच122बी 29.730 किमी लंबी परियोजना। एनएच122बी 42.618 किमी लंबी परियोजना अंतिम चरण में है।
जंदाहा बाईपास 4.80 किमी लंबी परियोजना। एकंगरसराय आरओबी 3.66 किमी लंबी परियोजना । गया बाईपास 6.75 किमी लंबी फोरलेन परियोजना।
औरंगाबाद में एनएच319ए 45.00 किमी लंबी परियोजना भी लगभग पूर्णता की ओर है। भभुआ एवं चांद बाईपास 16.15 किमी लंबी परियोजना। चौसाबक्सर बाईपास 20.915 किमी लंबी परियोजना, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
भागलपुरकहलगांवमिर्जाचौकी 47.815 किमी लंबी परियोजना भी लगभग पूर्णता की ओर है। एनएच333ए 14.359 किमी लंबी परियोजना। सुखनिया नदी पर चार लेन आरसीसी पुल 370 मीटर लंबा पुल निर्माणाधीन है।
छपरामांझी फोरलेन बाईपास 7.155 किमी लंबी परियोजना का आधे से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। एनएच727ए 4.322 किमी लंबी परियोजना, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
एनएच28बी आरओबी 1.75 किमी लंबी परियोजना, जिस पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। जयनगर बाईपास आरओबी 1.50 किमी लंबी परियोजना, जो लगभग पूर्णता की ओर है। बूढ़ी गंडक पुल एवं एनएच322 फोरलेन चौड़ीकरण 2.056 किमी लंबी परियोजना, जो प्रारंभिक चरण में है।
समीक्षा के दौरान सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, वन स्वीकृति अथवा उपयोगिता स्थानांतरण से संबंधित कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



