Akhilesh Yadav On BJP Supporters Political Statement: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए दावा किया कि अब भाजपा के समर्थक भी पार्टी की कार्यशैली से निराश और शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और वाहनों से भाजपा के झंडे हटाने शुरू कर दिए हैं, आने वाले समय में भाजपा उनके दिलदिमाग से भी उतर जाएगी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने समर्थकों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजकर युवाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी ओर उसके समर्थक खुद पार्टी से दूरी बनाने लगे हैं।

उन्होंने अयोध्या, दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर जनभावनाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने कहा कि पिछले कई वर्षों तक भाजपा का बचाव करने वाले उसके कट्टर समर्थकों को भी अब पार्टी की कार्यशैली पर पछतावा होने लगा है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, महंगाई, शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली तथा विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए।
युवाओं के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि एक ओर भाजपा और उसके सहयोगी अपने लोगों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजकर युवाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जब ऐसे लोगों को “भाजपाई” कहा जाता है तो वे चिढ़ जाते हैं।
कई घटनाओं का किया उल्लेख
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक अयोध्या में कथित “चढ़ावाचंदादान चोरी”, दिल्ली में बच्चियों पर कथित अत्याचार, युवाओं के खिलाफ हिंसा, मुंबई में आंदोलनकारियों को कथित रूप से ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी और लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की मां के साथ मुख्यमंत्री के कथित दुर्व्यवहार जैसी घटनाओं से शर्मिंदा हैं।
समर्थकों के मोहभंग का किया दावा
उन्होंने आगे कहा कि के “पेड और अनपेड” समर्थक भी अब जनाक्रोश को देखते हुए खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा समर्थकों के व्हाट्सएप समूह भी पहले की तरह सक्रिय नहीं हैं और वे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से भी परहेज कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले 1012 वर्षों में भाजपा के कट्टर समर्थकों ने हर मुद्दे पर पार्टी का बचाव किया और इसके लिए अपने मित्रों तथा परिचितों से भी विवाद मोल लिया। लेकिन अब भाजपा की कार्यशैली को देखकर उन्हें भी अपनी गलती का एहसास हो रहा है।
महंगाई और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, महंगाई बढ़ाने, शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली, आरक्षण के खिलाफ साजिश, विपक्ष पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने, बुलडोजर और एनकाउंटर की कार्रवाई का दुरुपयोग करने समेत कई अन्य आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का “असल चेहरा” अब उसके समर्थकों के सामने भी आ चुका है और इसी वजह से पार्टी समर्थकों के लिए तथाकथित “अमृतकाल” अब “विषकाल” में बदल गया है।



