देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच सचिन तेंदुलकर ने दिवंगत पिता को याद करते हुए युवाओं के नाम भावुक संदेश दिया। उन्होंने मेहनत, ईमानदारी और योग्यता को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए शॉर्टकट की संस्कृति से बचने की अपील की।

Sachin Tendulkar message on student protest: देशभर में शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली समेत कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किया, जबकि इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी है। ऐसे माहौल में अब क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए युवाओं के लिए मेहनत, ईमानदारी और योग्यता का संदेश दिया। उन्होंने अपने दिवंगत पिता की सीख को याद करते हुए कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी मेहनत और ईमानदारी होती है, जबकि शॉर्टकट की संस्कृति भविष्य को कमजोर करती है। सचिन का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
— Sachin Tendulkar July 23, 2026
पिता की सीख को याद कर Sachin Tendulkar ने दिया बड़ा संदेश
सचिन तेंदुलकर ने अपने पोस्ट में बताया कि उनके दिवंगत पिता एक प्रोफेसर थे और उन्होंने हमेशा उन्हें ईमानदारी और मेहनत का रास्ता अपनाने की सीख दी। सचिन ने लिखा कि बचपन से उन्हें सिखाया गया था कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन धोखा देना कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जीवन में शॉर्टकट अपनाने के बजाय अपनी मेहनत और काबिलियत पर भरोसा रखना चाहिए। सचिन के मुताबिक समाज की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी संस्कृति बनाए जहां मेहनत को सम्मान मिले और सफलता का आधार योग्यता हो।
छात्रों की निराशा को भी समझा
सचिन ने अपने संदेश में उन छात्रों का भी जिक्र किया जो यह महसूस करते हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का उन्हें उचित फल नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ऐसी भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं को भविष्य में दोबारा ऐसा महसूस न हो। उनके अनुसार युवाओं का आत्मविश्वास बनाए रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
युवाओं के सपनों की रक्षा करने की अपील
मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि युवा भारत सपनों और ऊर्जा से भरा हुआ है और वही देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि मातापिता, शिक्षक, स्कूल, दोस्त, रिश्तेदार और प्रशासन सभी की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को सही माहौल और प्रोत्साहन दें, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।
ईमानदारी और योग्यता की जीत पर दिया जोर
अपने संदेश के अंत में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि देश में ऐसा माहौल तैयार करने की जरूरत है, जहां कड़ी मेहनत को उसका हक मिले, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और योग्यता की हमेशा जीत हो। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे जो देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और उनके सपनों को नई उड़ान देगा। अपने संदेश का समापन उन्होंने ‘जय हिंद’ के साथ किया।



