मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कानूनव्यवस्था और खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात एक कॉन्स्टेबल ने अपने साथी पुलिसकर्मी की 17 वर्षीय दलित बेटी को धोखे से बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस वारदात के दौरान आरोपी का दूसरा पुलिसकर्मी साथी अपने तीन साल के मासूम बेटे को साथ लेकर घर के बाहर पहरा देता रहा। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी संतोष सेन, जो मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात है, ने कथित तौर पर 22 जुलाई को एक परिचित के मोबाइल फोन से उस लड़की से संपर्क किया और उसे अपनी बेटी की बर्थडे पार्टी में बुलाया।

जहांगीराबाद पुलिस स्टेशन के SHO राजन सिंह अहिरवार ने बताया कि लड़की शाम करीब 6.30 बजे लाल परेड ग्राउंड के पास पहुंची, जहां सेन और उसका साथी जितेंद्र राजपूत, राजपूत के तीन साल के बेटे के साथ कार में उसका इंतज़ार कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि सेन ने लड़की का भरोसा जीता और फिर उसे MP नगर इलाके के एक घर में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उसके साथ रेप किया।
घटना के दौरान, राजपूत अपने बेटे के साथ घर के बाहर रहा और पहरा देता रहा। पुलिस ने यह भी बताया कि लड़की को उस जगह तक लाने के लिए इस्तेमाल की गई कार का इंतज़ाम राजपूत ने ही किया था।
बाद में लड़की ने अपने परिवार को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता, जिसका कथित तौर पर अपहरण कर रेप किया गया था, एक पुलिसकर्मी की बेटी है।
पुलिस ने पहले कमला नगर पुलिस स्टेशन में ज़ीरो FIR दर्ज की और फिर आगे की जांच के लिए मामला जहांगीराबाद पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया।
SHO अहिरवार ने कहा, “आरोपियों को गुरुवार को गिरफ़्तार किया गया और आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।” ज़ीरो FIR पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना दर्ज की जाती है और बाद में संबंधित पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दी जाती है।
संतोष सेन, जो हाल ही में भोपाल से धार ज़िले में शिफ्ट हुआ था, को गिरफ़्तार कर लिया गया है। उस पर ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम’ , ‘भारतीय न्याय संहिता’ और ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ग्वालियर ज़िले में तैनात उसके साथी को भी गिरफ़्तार किया गया है और अपराध में मदद करने के लिए रेप के आरोप को छोड़कर उन्हीं कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।




