Chandrapur Black Magic Fraud: अंधविश्वास का फायदा उठाकर एक परेशान परिवार से 25 लाख 90 हजार रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सोमवार को सामने आया। पति को दैवी शक्ति के माध्यम से ठीक करने का झांसा देकर अघोरी पूजा, ताबीज और जादूटोने के नाम पर एक महिला और उसकी दो साथियों ने यह धोखाधड़ी की।

चंद्रपुर शहर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों ढोंगी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से अंधविश्वास फैलाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री भी जब्त की गई है। गिरफ्तार महिलाओं में विद्या विठ्ठलराव निमजे, शाहिस्ता अंजुम मोहम्मद शकील शेख और शबनम शामिल हैं। शहर पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके के अनुसार, जोड़देऊल पठानपुरा वार्ड निवासी वैशाली अनिल खणके के पति की गंभीर बीमारी का आरोपियों ने फायदा उठाया।
इरई नदी पर पुल निर्माण के लिए के मुआवजे के रूप में वैशाली खणके को 71 लाख रुपये की राशि मिली थी। इसी दौरान पड़ोस में किराए से रहने वाली विद्या निमजे ने उनसे नजदीकी बढ़ाई और कहा कि वह अपनी दैवी शक्ति से उनके पति को पूरी तरह ठीक कर सकती है।
विश्वास में लेकर उसने इलाज के नाम पर शुरुआत में 1 लाख 50 हजार रुपये लिए। इसके बाद अलगअलग कारण बताकर चेक के माध्यम से 5 लाख 25 हजार रुपये भी ऐंठ लिए। इस दौरान आरोपी महिला नियमित रूप से उनके घर आने लगी और ताबीज, पर्चियां, धुनी की राख आदि का इस्तेमाल कर अघोरी पूजा करने का दिखावा करती रही।
पैसे दोगुने और ‘घर के कल्याण’ का झांसा देकर ठगी
‘घर का कल्याण होगा’ ऐसा कहकर उसने शिकायतकर्ता के कानों के सोने के टॉप्स और गले की सोने की पोत भी ले ली। पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं होने और पैसे दोगुने होने का झांसा झूठा साबित होने के बाद वैशाली खणके को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने जब पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया।
इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शहर पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके के मार्गदर्शन में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथा तथा जादूटोना प्रतिबंधक कानून सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई के दौरान ताबीज, अघोरी पूजा सामग्री और अंधविश्वास के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न वस्तुएं जब्त की गई हैं। मामले की आगे की जांच शहर पुलिस कर रही है।
दो दिनों में 20 लाख रुपये पर हाथ साफ
24 जुलाई को आरोपी विद्या ने वैशाली खणके को बैंक ले जाकर 10 लाख रुपये नकद निकालने के लिए मजबूर किया। इसके अगले ही दिन यानी 25 जुलाई को घर खरीदने के लिए रखे गए 10 लाख रुपये भी लेकर वह फरार हो गई। जांच में सामने आया है कि इस रकम का कुछ हिस्सा आरोपी ने अपनी साथी शाहिस्ता अंजुम और शबनम को दिया था। पुलिस इस आर्थिक लेनदेन की गहन जांच कर रही है।



