
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भदोही जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने की राज्य सरकार की घोषणा पर आभार व्यक्त करते हुए महापुरुषों के नाम पर बने अन्य जिलों के पुराने नाम भी बहाल करने की शुक्रवार को मांग की।
सोशल मीडिया पर नाम बदले जाने पर क्या बोलीं
मायावती ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”बसपा सरकार ने भदोही को संत रविदास नगर के नाम से नया जिला बनाया था, जिसे समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत बदल दिया था। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ने इसे फिर से संत रविदास नगर कर दिया है, जिसके लिए बसपा राज्य सरकार की आभारी है।” उन्होंने कहा कि बसपा के चारों कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से अनेक नए जिले, तहसीलें, विकास खंड, पुलिस जोन और रेंज का गठन किया गया था।
सपा की जातिवादी सोच ने बदले थे महापुरुषों के नाम
मायावती ने कहा, ”इनमें से कई जिलों का नाम दलित और अन्य पिछड़े वर्गों में समयसमय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर रखा गया था। इसी क्रम में संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और भीमनगर जैसे कई नए जिले बनाए गए, जिनके नाम समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपनी जातिवादी सोच, द्वेष और संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिए।” उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज के समुचित विकास के लिए बसपा सरकार ने उसे जिला मुख्यालय का दर्जा देते हुए कांशीराम के नाम पर नया जिला बनाया था, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार ने दलित विरोधी मानसिकता के कारण उसका नाम भी बदल दिया।
योगी सरकार से की ये खास डिमांड
मायावती ने कहा, ”यदि उत्तर प्रदेश सरकार संत रविदास नगर की तरह मान्यवर कांशीराम और अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के पुराने नाम भी बहाल कर दे, तो यह उचित होगा। यदि यह निर्णय कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस से पहले या उसी दिन लिया जाता है, तो बसपा इसके लिए भी सरकार की आभारी रहेगी।” बुधवार को वाराणसी में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा की थी।


