नूरपुर नूरपुर प्रदेश के जिला कांगड़ा के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में बहुचर्चित सालों की उम्मीद को लेकर नूरपुर के मातृशिशु अस्पताल सियासी नजर से एक बार फिर चर्चा की घेरे में इस मामले में नूरपुर मे बेटे के नाम की राजनीति करने वाले हैं बीजेप विधायक रणवीर सिंह ने कहा है कि इस मामले को कई बार विधानसभा में उठा चुके हैं लेकिन सरकार नूरपुर विधानसभा क्षेत्र हर सिंगमेंट में 4 साल से विकास कार्यों में भेदभाव करती आई है इसका कारण उन्होंने विधायक का भाजपा से निर्वाचित होना है।

नूरपुर प्रदेश का सिविल नागरिक अस्पताल नूरपुर जो सिर्फ ईंटपत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि हजारों माताओं और नवजात शिशुओं की उम्मीद से जुड़ा है। नूरपुर का मातृशिशु अस्पताल वर्षों से इंतजार में है। शिलान्यास के बाद लंबे समय तक परियोजना राजनीतिक खींचतान और देरी के बीच अटकी रही। अब एक बार फिर इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। इस अस्पताल के शुरू होने से नूरपुर, फतेहपुर, इंदौरा और ज्वाली व चंबा जिला के क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है एक बार फिर ताजा हुई हैl कुछ सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि भाजपा कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किए गए शिलान्यास के बाद क्षेत्रवासियों ने उम्मीद लगाई थी कि माताओं और नवजात शिशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा जल्द उपलब्ध होगी। लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद अस्पताल पूरी तरह शुरू नहीं हो सका। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल दूर होने पर परिवारों को समय, दूरी और खर्च—तीनों चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में नूरपुर में मातृशिशु अस्पताल का शुरू होना हजारों परिवारों के लिए सिर्फ एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे की नई उम्मीद है। इस मामले में क्षेत्र की जनता को सत्ता पक्ष ने यह आश्वासन दिया गया कि अगले दो महीनों में इसका कार्य पूरा हो जायेगा और इसे जल्द ही जनता को समर्पित कर दिया जाए। *गौरतलव है कि इस मामले में क्षेत्र में बुद्धिजीवी वर्ग का कहना है कि भाजपा शासन में उस समय के मौजूदा मंत्री ने इस अस्पताल का उद्घाटन आनन फानन करवा दिया था जबकि इस ईमारत मे बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी लेकिन विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता ने इसका विरोध नहीं किया और जब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार में विधानसभा चुनाबो के1वर्ष से अधिक समय रह गया है क्या यह सपना नूरपुर वासियो का साकार हो सकेगा?



