Sant Samaj Protest In Ayodhya: संसद परिसर में शुक्रवार को हुए मामलें को लेकर अयोध्या के संत समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। संत समाज ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सांसद अवधेश प्रसाद, अखिलेश यादव और उनके समर्थकों ने सुनियोजित षड्यंत्र रच कर सनातन संस्कृति, साधु व संत परंपरा और धार्मिक आस्थाओं पर आघात पहुंचाने का कार्य किया है।

इस मामलें को लेकर संत समाज ने संसद की घटना में लिप्त नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अपनी मांगो को लेकर संतो ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष को भी ज्ञापन सौंपा है।
भगवा वेश धारण कर साधु समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास
संतो ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि संसद परिसर में संत का छद्मवेष धारण कर जो नाटक किया गया वह अत्यंत निंदनीय है। संत समाज ने आरोप लगाया कि अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में जो कुछ लालची लोगों के कारण हुंडी समर्पण की गिनती के दौरान चोरी की घटना की उच्चस्तरीय SIT जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में चल रही है।
ऐसे में संसद परिसर में किया गया विरोधी नाटक ना केवल उक्त जांच को प्रभावित करने का प्रयास है, बल्कि यह सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए किया गया है। इस नाटक के माध्यम से भगवा वेश धारण कर उन्होंने साधु संत समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। इतना ही नहीं उनके इस कृत्य से प्रभु अर्चक समाज का अपमानित हुआ और श्रद्धालुओं के मन में महंतों के प्रति जो विश्वास है उसको भी बदलने का प्रयास किया गया।
भगवान का चित्र पैरों के पास रखकर धार्मिक भावनाओं को पहुंचाया चोट
संत समाज ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध नाटक के दौरान भगवान का चित्र पैरों के पास रखकर उनका अपमान किया गया जिससे देशभर के सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं चोटिल और आहत हुई हैं। इस घटना से संत समाज को काफी मानसिक पीड़ा पहुंची है और श्रावण जैसे पवित्र माह के दौरान अयोध्या आने वाले हजारों श्रद्धालुओं में भी भ्रम और आक्रोश जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
संत समाज ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा कि यदि इस घटना के कारण श्रावण झूला महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा आश्रमों और मंदिरों में दिए जाने वाले दान में कमी आती है तो इससे आश्रमों की व्यवस्था प्रभावित होगी और आर्थिक नुकसान होगा। संत समाज ने ज्ञापन में इस संभावित आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने के लिए भी मांग की है।
संतों ने करते हुए मांग की है कि पप्पू यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और अखिलेश यादव के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, मंदिरों की समर्पण परंपरा को प्रभावित करने, हमारे भगवान का अपमान करने और समाज में वैमनस्य फैलाने जैसे आरोपों को लेकर रिपोर्ट दर्ज की जाए और तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
संतो ने की सांसदों की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग
संत समाज ने भारत के राष्ट्रपति से भी विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए संसद परिसर में किए गए नाटकों में शामिल सभी सांसदों की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। संतो का कहना है कि ऐसे सांसदो पर कार्रवाई के बाद ही देशभर में हिंदू समाज में व्याप्त आक्रोश शांत होगा और लोगों के बीच धार्मिक आस्थाओं के सम्मान का संदेश जाएगा।
हनुमान गुफा से वीणा चौक तक निकाला गया विरोध मार्च
बता दें कि अपनी मांगो को लेकर हनुमान गुफा से 100 से अधिक संत वीणा चौक पहुंचे और संतों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी, पप्पू यादव और अखिलेश यादव का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस विरोध प्रदर्शन में महंत कमल नयन दास, महंत राजकुमार दास, महंत गौरी शंकर दास, महंत परशुराम दास, महंत कमला दास सहित भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री विनोद जायसवाल और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद संत समाज ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि और पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष को ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।



