
लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में एक दरोगा की करतूत ने खाकी को शर्मसार कर दिया। आशियाना थाने में तैनात एसएसआई धर्मवीर शाही पर दुष्कर्म पीड़िता ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। आरोप है कि उसके दर्ज मामले में साक्ष्य जुटाने और फिर शादी का झांसा देकर दरोगा ने यौन शोषण किया।
शादी का दबाव बनाने पर आरोपी ने पीड़िता को पीटा। सिर दीवार से लड़ाकर मोबाइल छीन लिया। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के आदेश पर आशियाना पुलिस ने शनिवार देर शाम दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म, लूट समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस दरोगा को पकड़कर पूछताछ कर रही है।
मानक नगर निवासी युवती इंजीनियर है। डीसीपी पूर्वी को संबोधित शिकायती पत्र में पीड़िता ने बताया कि उसने पीजीआई थाने में 27 फरवरी 2026 को बस्ती शंखपुर वैतेपुर निवासी अभिषेक सिंह के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उक्त मामले की जांच आशियाना थाने में ट्रांसफर की गई। आशियाना थाने में तैनात एसएसआई धर्मवीर शाही मामले की जांच कर रहे थे। पीड़िता को जांच के संबंध में 21 फरवरी को जांच अधिकारी ने थाने बुलाया था। उसके बाद उपनिरीक्षक कॉल कर पीड़िता से केस संबंधी बात करते हुए अश्लील बातें करने लगा। मार्च में उपनिरीक्षक ने केस पुराना होने और साक्ष्यों के लिए पीड़िता से शरीरिक संबंध बनाना अनिवार्य बताया। आरोप है कि शादी का झांसा देकर उपनिरीक्षक धर्मवीर शाही ने पीड़िता का यौन शोषण किया।
पीड़िता का कहना है कि वह जब भी शादी की बात कहती तो आरोपी दरोगा टाल जाता था। इस बीच पीड़िता को जानकारी हुई कि उपनिरीक्षक शादीशुदा है। शादी का दबाव बनाने पर आरोपी दरोगा ने पीड़िता को पीटा, गालीगलौज करते हुए दीवार से कई बार सिर लड़ाया। गला दबाकर मारने का प्रयास किया। पीड़िता ने शिकायत की बात कही तो आरोपी ने परिवार संग जान से मारने की धमकी दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने एसीपी कैंट सुजीत दुबे को जांच के निर्देश दिए। शुरुआती जांच में आरोप सही मिलने पर आशियाना पुलिस ने आरोपी दरोगा धर्मवीर शाही के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, गालीगलौज, धमकी व लूट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर गजेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है। आरोपी दरोगा धर्मवीर शाही का बयान लिया जा रहा है। रविवार को पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान के लिए पेश किया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
30 जुलाई की रात को पीटा, मरोड़ा हाथ, छीना मोबाइल
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई की रात 11 बजे मां की दवाई लेने के लिए एक निजी अस्पताल गई थी। इसी दौरान दरोगा धर्मवीर शाही ने उसे कॉल कर थाने पर बुलाया। आरोप है कि दरोगा व उनके दो साथियों ने मारपीट करते हुए धमकाया। किसी भारी वस्तु से सिर पर वार किया। हाथ मरोड़ कर मोबाइल छीन लिया। कहा कि मोबाइल तोड़कर सारे साक्ष्य मिटा दूंगा। यही नहीं धमकाया कि समझ जाओ वरना गाड़ी से कुचलकर मार देंगे।
दरोगा हूं, मुझपर नहीं करेंगे अधिकारी कार्रवाई
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके मोबाइल की गैलरी में जमा फोटो, वीडियो, चैट व मोबाइल नंबर निकालकर दरोगा दुरुपयोग कर रहे हैं। मोबाइल मांगा तो कहा है कि अगर तुम मेरे खिलाफ उच्चाधिकारियों के पास एक कदम बढ़ाओगी तो मैं तुमको हर जगह बदनाम कर दूंगा। मैं दरोगा हूं, इसलिए पुलिस अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे।
सिपाही से दरोगा बने थे धर्मवीर शाही
बताया जा रहा है कि सिपाही पद पर भर्ती धर्मवीर शाही 2007 में प्रोन्नति पाकर उपनिरीक्षक बने थे। मूल रूप से गोरखपुर निवासी दरोगा धर्मवीर शाही करीब दो साल से आशियाना थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक के पद पर हैं। पीड़िता ने बताया कि दरोगा ने खुद को अविवाहित बताया था।



