Cyber Crime Bhandara: भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र आई4सी द्वारा विकसित मैनेजमेंट ऑफ रिफंड मॉड्यूल एमआरएम के प्रभावी उपयोग से भंडारा पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। जुलाई माह में भंडारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साइबर प्रकोष्ठ की त्वरित कार्रवाई से विभिन्न ऑनलाइन ठगी के मामलों में 3,06,732.73 रुपए सफलतापूर्वक मूल शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में वापस कराए गए।

ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और पीड़ितों की रकम जल्द वापस दिलाने के उद्देश्य से भंडारा पुलिस लगातार सक्रिय है। साइबर शाखा ने मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल एमआरएम पोर्टल के माध्यम से तकनीकी जांच कर संदिग्ध बैंक खातों और फ्रीज की गई राशि का पता लगाया तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित शिकायतकर्ताओं के खातों में राशि वापस कराई।
भंडारा पुलिस की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नूरुल हसन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निलेश मोरे तथा सहायक पुलिस निरीक्षक पाटिल के मार्गदर्शन में की गई। थाने की महिला सहायक पुलिस निरीक्षक पत्रे, पुलिस हवलदार आंबेडरे तथा पुलिस सिपाही रोडगे की टीम ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
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ठगी होने पर 1930 पर तुरंत फोन करें
ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार होते हैं, तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही शीघ्र संबंधित राशि को फ्रीज कर एमआरएम पोर्टल के माध्यम से वापस दिलाया जा सकता है।



