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66 लाख की हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ रिसेप्शनिस्ट बनी युवती, कारण जानकर सोच में पड़ जाएंगे…

ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस मैक्लेलैंड ने मानसिक शांति के लिए 66 लाख रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर 40% कम सैलरी पर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी अपनाई. पढ़ें पूरी वायरल कहानी.

66 लाख की हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ रिसेप्शनिस्ट बनी युवती, कारण जानकर सोच में पड़ जाएंगे…

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने और बड़ी पोजीशन पाने के पीछे भागा जा रहा है. इसके लिए लोग दिन-रात मेहनत करते हैं और कई बार अपने मानसिक स्वास्थ्य की भी बलि चढ़ा देते हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली ग्रेस मैक्लेलैंड (Grace McClelland) ने इसके बिल्कुल उलट एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरी दुनिया में ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ पर एक नई बहस छेड़ दी है.

ग्रेस ने करीब 66 लाख रुपए सालाना पैकेज वाली अपनी हाई-प्रोफाइल लीडरशिप की नौकरी को लात मारकर एक रिसेप्शनिस्ट की नौकरी अपना ली. इस फैसले से उनकी कमाई में सीधा 40% का घाटा हुआ, लेकिन बदले में उन्हें जो मिला, वह पैसों से बहुत ज्यादा कीमती था, और वो है मानसिक शांति.

चमक-धमक वाली नौकरी अंदर से तोड़ गई ग्रेस को

ग्रेस ने अपने करियर की शुरुआत एक सेल्स एसोसिएट के तौर पर की थी. मेहनत के दम पर उन्होंने जल्दी ही तरक्की की और एक बड़े स्टोर की मैनेजर बन गईं. बाहर से देखने पर ये एक बहुत बड़ी कामयाबी लगती थी. लेकिन अंदर से ये काम उनके लिए धीरे-धीरे किसी सजा से कम नहीं रहा.

रोज दफ्तर तक का लंबा सफर, सिर पर काम का बोझ और हर दिन और बेहतर करो का प्रेशर. कुछ समय बाद हालत ये हो गई कि ऑफिस से लौटने के बाद ग्रेस में अपने लिए कुछ करने की भी ताकत नहीं बचती थी. ना शरीर साथ देता था, ना दिमाग. आखिरकार एक दिन वो तंग आ गईं और बिना कोई दूसरी नौकरी देखे उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

बड़ी सैलरी और लग्जरी भी नहीं दे पाई खुशी

कुछ समय बाद एक लग्जरी कंपनी ने उन्हें विदेश यात्राओं, शानदार बोनस और लगभग 66 लाख रुपए के पैकेज का ऑफर दिया. ग्रेस ने सोचा कि शायद इस बार हालात अलग होंगे और उन्होंने नौकरी ज्वाइन कर ली. वह काम तो अच्छे से कर रही थीं, लेकिन अंदर से उनका दम घुट रहा था. उन्हें समझ आ गया कि यह चमक-धमक, लग्जरी लाइफस्टाइल और मोटी सैलरी उन्हें अंदर से खुश नहीं रख सकती.

40% सैलरी कट मंजूर, लेकिन सुकून से समझौता नहीं

हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ने के बाद ग्रेस ने एक महीने का लंबा ब्रेक लिया. इसके बाद उन्होंने बड़ी पोस्ट के बजाय छोटे और जूनियर प्रशासनिक पदों पर अप्लाई करना शुरू किया. जुलाई 2024 में उन्होंने एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट और ऑफिस मैनेजर की नौकरी ज्वाइन कर ली. भले ही इस बदलाव की वजह से उनकी सैलरी में 40% की भारी कटौती हुई, लेकिन ग्रेस आज बेहद खुश और संतुष्ट हैं. उनका कहना है कि उन्होंने इसे एक ‘ब्रेक’ की तरह अपनाया, ताकि वे मानसिक रूप से खुद को ठीक कर सकें.

अब मिलता है अपने शौक के लिए पूरा वक्त

आज ग्रेस अपनी इस नई जिंदगी से बेहद खुश हैं. उन्हें यह बताने में कोई झिझक नहीं होती कि वे अब एक रिसेप्शनिस्ट हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि अब उन पर ऑफिस का कोई मानसिक दबाव नहीं रहता. खाली समय में वे अपने पसंदीदा शौक जैसे क्रोशिया बुनाई और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने का काम करती हैं, जो अब उनकी कमाई का एक अतिरिक्त जरिया भी बन गया है.

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