Buldhana Fetal Sex Determination: सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अकोला मंडल के उपसंचालक डॉ. सुशीलकुमार वाकचौरे के मार्गदर्शन में पीसीपीएनडीटी विभागीय टीम ने बुलढाना में स्टिंग ऑपरेशन चलाकर भ्रूण लिंग जांच के अवैध रैकेट का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान सोनोग्राफी मशीन जैसी एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा दवाइयों का जखीरा जब्त किया गया।

मामले में 3 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न अधिनियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग को मिली गोपनीय सूचना के अनुसार, पातुर निवासी विजय राठौड़ गर्भवती महिलाओं से 20 हजार रु. लेकर उन्हें भ्रूण लिंग जांच के लिए बुलढाना स्थित कैलास गवली के पास ले जाता था।
भ्रूण लिंग जांच के अवैध नेटवर्क पर छापा
शिकायत की पुष्टि के बाद अकोला पीसीपीएनडीटी विभाग और जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत टीम ने एक फर्जी गर्भवती महिला को भेजकर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और बुलढाना में जाल बिछाकर सफल को अंजाम दिया। छापे के दौरान सोनोग्राफी जैसी डिवाइस और दवाइयों का स्टॉक जब्त किया गया।
3 पर मामला किया दर्ज
इस मामले में जिला अस्पताल बुलढाना के माध्यम से बुलढाना शहर पुलिस थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत भी अलग से न्यायालय में शिकायत दायर की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी कैलास गवली के खिलाफ पहले भी भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात से जुड़े दो मामले दर्ज हो चुके हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दवाइयां जब्त
इस बार पहली बार उसके कब्जे से सोनोग्राफी जैसी डिवाइस बरामद होने के कारण इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अभियान में डॉ. धनंजय चिमणकर, डॉ. विशाल येदवर, एड. शुभांगी ठाकरे, किरण जानुनकर, दत्ता हिवराले, बुलढाना पीसीपीएनडीटी टीम तथा पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

