भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग इस समय एक बड़े तकनीकी और संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के विस्तार के बीच केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना अब अपने सबसे प्रभावी चरण में पहुंच रही है. वित्त वर्ष 202627 में ऑटो पीएलआई योजना के तहत इंसेंटिव डिस्बर्समेंट ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को छूने का अनुमान है.

शुरुआती वर्षों में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने और भारी पूंजी निवेश के बाद अब ऑटो कंपनियां और कंपोनेंट मेकर्स बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर चुके हैं, जिसका सीधा फायदा अब इंसेंटिव पेआउट के रूप में दिखने लगा है. आखिर ऑटो PLI के तहत इंसेंटिव भुगतान में यह उछाल क्यों आ रहा है? इससे मेक इन इंडिया, इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट और आम भारतीय ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
बांटे जाएंगे 4 हजार करोड़
सरकार को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर में ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स के लिए प्रोडक्शनलिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत लगभग 4,000 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे. ये इंसेंटिव उन योग्य कंपनियों को दिए जाएंगे जो वित्त वर्ष 2026 में अतिरिक्त बिक्री हासिल करेंगी. अधिकारियों ने बताया कि बजाज ऑटो को इस फाइनेंशियल ईयर में स्कीम के तहत पहले ही लगभग 750 करोड़ रुपए मिल चुके हैं. पिछले हफ्ते ही इन दावों का निपटारा किया गया. एक सीनियर अधिकारी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बजाज ऑटो इस फाइनेंशियल ईयर में दावा करने और इंसेंटिव पाने वाली पहली कंपनी है. उन्होंने आगे कहा कि ये इंसेंटिव कंपनी द्वारा हासिल की गई लगभग 6,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त बिक्री के लिए दिए जा रहे हैं.
5,939.87 करोड़ रुपए का प्रावधान
अगस्त 2024 के एक बयान में, पुणे की इस कंपनी ने कहा कि उसे AutoPLI के तहत 13 वाहनों के लिए मंज़ूरी मिली है. इसमें दोपहिया और तीनपहिया दोनों तरह के वाहन शामिल थे, और बजाज ऑटो ने दावा किया कि उसने स्कीम के डॉमेस्टिक वैल्यू एडिशन को पूरा किया है. वित्त वर्ष 2027 के बजट में 5,939.87 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के 2,091.26 करोड़ रुपए से लगभग तीन गुना ज्यादा है. इस स्कीम को सितंबर 2021 में ₹25,938 करोड़ के बजट आवंटन के साथ मंज़ूरी दी गई थी.
202324 से अतिरिक्त उत्पादन, निवेश और DVA लक्ष्यों को पूरा करने जैसी शर्तों के आधार पर इंसेंटिव दिए जाने थे. पिछले दिसंबर में, भारी उद्योग मंत्रालय ने अनुमान लगाया था कि AutoPLI स्कीम के लाभार्थियों ने 32,879 करोड़ रुपए की सेल हासिल की है. संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए, भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि पांच आवेदकों को 1,350.83 करोड़ रुपए बांटे गए.



