
अमृत विचार, सीतापुर। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के कामकाज को लेकर जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने सख्त रुख अपनाया है। जन्म प्रमाणपत्र बनाने और आरटीई के तहत चयनित बच्चों के प्रवेश में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। डीएम की समीक्षा बैठक के कुछ ही घंटे बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी बीईओ के वेतन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
बैठक में डीएम ने जताई नाराजगी
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान जन्म प्रमाणपत्र निर्माण और आरटीई अधिनियम की धारा 12 के तहत चयनित बच्चों के प्रवेश की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र जल्द बनवाए जाएं और आरटीई के तहत चयनित बच्चों का प्रवेश हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
7 अगस्त तक मांगी गई प्रगति रिपोर्ट
बीएसए की ओर से जारी आदेश में सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे 7 अगस्त तक जन्म प्रमाणपत्र और आरटीई प्रवेश से संबंधित प्रगति रिपोर्ट व आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। इसके अलावा डीएम ने अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और मिडडे मील की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।



