कहा: भाजपा और आप दोनों ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया

जेन ज़ेड की मोदी को झुकाने और धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए मजबूर करने पर की सराहना
वड़िंग ने जाखड़ पर 2022 में कांग्रेस से धोखा करने का आरोप लगाया
भगवंत मान को कर्मचारियों का डीए रोकने के खिलाफ दी चेतावनी
फाजिल्का : एआईसीसी महासचिव एवं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि आगामी चुनावों में कांग्रेस को बहुपक्षीय मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। एक ओर भाजपा, आम आदमी पार्टी और अकाली दल जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी होंगे, वहीं दूसरी तरफ पार्टी को अपने भीतर मौजूद ‘स्लीपर सेलों’ की पहचान कर उनके खिलाफ भी संघर्ष करना होगा।
आज यहां ‘हर बूथ, कांग्रेस मज़बूत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बघेल ने कहा कि देशभर में बदलाव और कांग्रेस की जीत का पहिया पंजाब से ही घूमना शुरू होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वर्ष 2026 को पार्टी सशक्तिकरण का साल घोषित किया है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं होगी, तो शीर्ष स्तर पर भी मजबूत नहीं रह सकती। इसी उद्देश्य से बूथ स्तर को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस को राज्य के प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने के लिए बधाई दी और कहा कि अब तक कोई अन्य पार्टी यह कार्य नहीं कर सकी है।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए, बघेल ने कहा कि इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कानूनव्यवस्था को ध्वस्त करना और गैंगस्टरवाद को बढ़ावा देना रही है। उन्होंने कहा कि फिरौती की धमकियां अब आम बात हो गई हैं और जो कोई पैसे देने से इनकार करता है, उसे दिनदहाड़े मार दिया जाता है। इसके अलावा, आप सरकार ने रेत माफिया, भूमाफिया और फिरौती माफिया जैसे कई माफियाओं को जन्म दिया है, जिससे आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा, आप सरकार ने झूठे पर्चे दर्ज करके, धमकियां देकर और डराकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि इस पीड़ा को पंजाब के जमीनी स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बेहतर कोई नहीं समझ सकता है।
इसी तरह, बघेल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार भी महंगाई पर नियंत्रण पाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह परीक्षाएं भी सही ढंग से आयोजित नहीं करवा सकी।
इस संदर्भ में, उन्होंने जेन ज़ेड को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुकने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। जबकि अब अगला नंबर गृह मंत्री अमित शाह का है।
इस दौरान पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की सराहना की जिन्होंने आप सरकार का डटकर मुकाबला किया और पार्टी छोड़ने के लालच में नहीं आए।
उन्होंने पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और मौजूदा भाजपा नेता सुनील जाखड़ पर आरोप लगाया कि भले ही 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान वह कांग्रेस की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष थे, लेकिन उनकी भाजपा के साथ अंदरूनी समझ थी।
वड़िंग ने कहा कि भाजपा के इशारे पर जाखड़ ने यह कहा था कि कांग्रेस में हिंदुओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने अफसोस जताया कि जाखड़ स्वयं 65 वर्ष के हैं और उनके पिता बलराम जाखड़ ने लगभग 90 वर्ष की आयु तक कांग्रेस की सेवा की, इसके बावजूद वे कांग्रेस पर ऐसे बेबुनियाद आरोप लगा रहे थे।
उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि धर्म और जाति के आधार पर लोगों को बांटने वाली भाजपा के उलट कांग्रेस हर जाति, समुदाय और धर्म के लोगों की पार्टी है।
इसी तरह, वड़िंग ने सरकारी कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित करने के लिए आप सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद मान सरकार कर्मचारियों को उनका बनता डीए नहीं दे रही है, जबकि गोवा जैसे दूरदराज के राज्यों में विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से गोवा और गुजरात में चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।
वड़िंग ने कर्मचारियों के समर्थन का ऐलान करते हुए कहा कि कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक उनकी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस पुरानी पेंशन योजना और महंगाई भत्ते के मुद्दे पर कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 दिनों के भीतर हर हाल में हाईकोर्ट के आदेश लागू करने का अल्टीमेटम देते हुए, कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस कर्मचारियों के समर्थन में बड़े स्तर पर जन आंदोलन शुरू करेगी।
इस अवसर पर रविंदर दलवी, हंसराज जोसन, डॉ. मोहिंदर रिणवा, मोहन सिंह फल्लीवाला, नत्थू राम, राज बख्श कंबोज सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।



