India

अब इथेनॉल से चार्ज होगी EV! भारत में शुरू हुई दुनिया की पहली नई तकनीक

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया गया है. अब तक इथेनॉल का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में किया जाता था, लेकिन अब इसका उपयोग बिजली बनाने के लिए भी किया जाएगा. इसी बिजली से इलेक्ट्रिक कारों और अन्य EV को चार्ज किया जाएगा.

अब इथेनॉल से चार्ज होगी EV! भारत में शुरू हुई दुनिया की पहली नई तकनीक

इस नई तकनीक की शुरुआत तेलंगाना से हुई है, जहां 150 kW क्षमता वाला इथेनॉल आधारित EV चार्जिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है. दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का पहला इथेनॉल से चलने वाला EV चार्जिंग सिस्टम है.

कैसे काम करता है यह नया चार्जिंग सिस्टम?

यह चार्जिंग स्टेशन सीधे बिजली ग्रिड से बिजली लेने के बजाय पहले इथेनॉल की मदद से बिजली तैयार करता है. इसके बाद उसी बिजली से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्ज की जाती है. यानी अगर किसी इलाके में बिजली का कनेक्शन नहीं है या बिजली की सप्लाई कमजोर है, तब भी यह चार्जिंग स्टेशन आसानी से काम कर सकता है. इससे खासकर हाईवे और दूरदराज के इलाकों में EV चार्जिंग की बड़ी समस्या का समाधान मिल सकता है.

केंद्रीय मंत्री ने बताई बड़ी बात

माननीय केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस तकनीक के लॉन्च के दौरान बताया कि कीटो मोटर्स ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो इथेनॉल से बिजली बनाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कर सकता है. उन्होंने कहा कि यह तकनीक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और भारत के तेजी से बढ़ते इथेनॉल मिशन को एक साथ जोड़ती है. इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और देश में स्वच्छ परिवहन को गति मिलेगी.

EV चार्जिंग की सबसे बड़ी समस्या होगी दूर

आज देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन अभी भी पर्याप्त नहीं हैं. खासकर हाईवे, छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में चार्जिंग स्टेशन लगाना आसान नहीं होता. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए हाईकैपेसिटी बिजली कनेक्शन, कई सरकारी मंजूरियां और महंगा बिजली ढांचा तैयार करना पड़ता है. इसी कारण कई जगह चार्जिंग स्टेशन बनने में महीनों लग जाते हैं. नई इथेनॉल आधारित तकनीक इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर सकती है, क्योंकि इसे हर समय बिजली ग्रिड पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी.

सिर्फ 72 घंटे में शुरू हो जाएगा चार्जिंग स्टेशन

इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज इंस्टॉलेशन है. जानकारी के मुताबिक, यह चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 72 घंटे में चालू किया जा सकता है. इसके मुकाबले सामान्य फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन शुरू करने में कई सप्ताह या कई बार महीनों का समय लग जाता है. अगर यह दावा सही साबित होता है, तो देशभर में EV चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से हो सकेगा.

खर्च और समय दोनों में होगी बड़ी बचत

रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई तकनीक से चार्जिंग स्टेशन लगाने की लागत और समय में करीब 50 फीसदी तक कमी आ सकती है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों को मिलेगा जहां बिजली का मजबूत नेटवर्क अभी मौजूद नहीं है. वहां भी आसानी से चार्जिंग स्टेशन लगाए जा सकेंगे और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का भरोसा मिलेगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply