
रामसनेहीघाट , अमृत विचार। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। भीखरपुर के निकट चलाए गए विशेष अभियान में सात ओवरलोड मौरंग लदे ट्रकों को पकड़कर सीज कर दिया गया। वाहनों पर करीब चार लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इस कार्रवाई से अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि हैदरगढ़भिटरिया मार्ग के जरिए ओवरलोड मौरंग से भरे ट्रक बाराबंकी जिले के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर भिटरिया मंडी तक पहुंच रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय को तत्काल अभियान चलाने के निर्देश दिए।
भीखरपुर में नाकेबंदी कर पकड़े गए ट्रक
निर्देश के अनुपालन में एसडीएम के नेतृत्व में नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी, खनन अधिकारी अनंत कुमार और पुलिस टीम ने भीखरपुर के पास नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की। जांच के दौरान सात ट्रक निर्धारित क्षमता से अधिक मौरंग लादे मिले। जांच में कुछ वाहनों के खनन संबंधी दस्तावेज और परिवहन परमिट भी नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। पूछताछ में चालकों ने बताया कि वे बांदा जनपद से मौरंग लादकर बाराबंकी की विभिन्न मंडियों में आपूर्ति के लिए आ रहे थे।
चार लाख का जुर्माना, सभी ट्रक सीज
खनन अधिकारी अनंत कुमार ने मौके पर अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद सभी वाहनों पर कुल करीब चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे वाहन स्वामियों ने जमा कर दिया। इसके बाद सभी ट्रकों को नियमानुसार सीज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई।
जानिए क्या बोले एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय
एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी इसी तरह औचक जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।



