TrendingUttar Pradesh

उन्नाव : लव-कुश की नगरी पर मां गंगा का कहर… 

उन्नाव : लव-कुश की नगरी पर मां गंगा का कहर… 

परियर उन्नाव, अमृत विचार : नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने व वर्षा के चलते गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से परियर क्षेत्र के माना बंगला, देवी पुरवा, बंदन पुरवा, लाल्टू पुरवा, बाबू बंगला, टपरा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, कोलवा, अतरी व पनपथा समेत लगभग एक दर्जन गावों तक पानी पहुंच चुका है।

इससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। किसानों को खेतों में खड़ी लौकी, कद्दू, तोरई, टिंडा, सेम व करेले की फसलें बर्बाद होने का डर सता रहा है। जिससे भारी आर्थिक नुकसान की संभावना है। स्थिति की गंभीरता देख प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य पूरे कर लिए हैं। 

एडीएम सुशील कुमार गोंड व एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा के अनुसार, परियर में बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है तथा जानकी कुंड आश्रम में राहत शिविर बनाया गया है। नाविकों व राहत सामग्री की व्यवस्था दुरुस्त है। सदर तहसीलदार मनीष द्विवेदी ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी। जलस्तर पर 24 घंटे ऑनलाइन व धरातल पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु से मात्र 8 सेंटीमीटर दूर गंगा, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार से मंगलवार के बीच गंगा के जलस्तर में 28 सेंमी की वृद्धि दर्ज हुई। इससे नदी चेतावनी बिंदु से महज 8 सेंमी दूर पहुंच गई है। जलस्तर बढ़ने से शुक्लागंज के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। कई स्थानों पर पानी आबादी के करीब पहुंचने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार शाम 6 बजे जलस्तर 111.640 मीटर था जो मंगलवार दोपहर 12 बजे 111.890 मीटर हो गया। दोपहर 2 बजे यह 111.910 मीटर व शाम 6 बजे 111.920 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 112 मीटर व खतरे का निशान 113 मीटर निर्धारित है। जलस्तर लगातार बढ़ने से अब प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गंगा का पानी बढ़ने से सैय्यद कम्पाउंड, कर्बला, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, शाही नगर, हुसैन नगर व मनसुखखेड़ा के निचले इलाकों में करीब 65 मकानों के आसपास पानी भर गया है। कई परिवारों ने एहतियातन जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ लोगों ने घरों की छतों पर अस्थायी रूप से डेरा डाल लिया है।

आवागमन प्रभावित होने पर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में दो नावों की व्यवस्था कर दी है ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को एडीएम सुशील कुमार, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, तहसीलदार मनीष द्विवेदी, ईओ नगर पालिका डॉ. राजेश सिंह, एसवीएम प्रभारी अनूप शुक्ला व लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने मिश्रा कॉलोनी स्थित बाढ़ केंद्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित विभागों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। 

बांधों से छोड़ा गया ढाई लाख से अधिक क्यूसेक पानी

बैराज बांध के पोस्ट रीडर गेज उत्तम पाल के अनुसार मंगलवार को बैराज बांध से 2 लाख 50 हजार 888 क्यूसेक, नरौरा बांध से 1 लाख 24 हजार 171 क्यूसेक तथा हरिद्वार बांध से 99 हजार 747 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार हो रहे डिस्चार्ज को देखते हुए आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply