
लखनऊ, अमृत विचार: विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सत्ता पक्ष और समाजवादी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के विधायक “चंदा चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाने लगे।
इस पर अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि “अगर आप लोगों में से किसी ने चंदा दिया है तो उसकी रसीद लेकर आइए, तब देखेंगे कि आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है।” उन्होंने कहा कि बिना आधार के इस तरह के आरोप और नारे सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
हंगामे के दौरान सपा विधायक अनिल प्रधान की टिप्पणी पर भी अध्यक्ष ने तल्ख प्रतिक्रिया दी। वहीं, नीट को लेकर विपक्ष की टिप्पणी पर भी उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि सदन में गंभीर विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी। इसी बीच सपा विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो लहराते हुए अपनी सीट से आगे आ गए।
अध्यक्ष ने इसे सदन की कार्यवाही में व्यवधान और नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें पूरे सत्र के लिए निष्कासित करने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शलों की मौजूदगी में उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया। इस घटनाक्रम के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर जानबूझकर कार्यवाही में व्यवधान डालने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा।


