राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों और लॉकरों की एसआईटी ऑडिट शुरू हो गई है. एसबीआई में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक सत्यापन का काम चला. फॉरेंसिक ऑडिटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट ने विस्तृत जांच की. ट्रस्ट के बैंक खातों और लॉकरों का बारीकी से ऑडिट हुआ और बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड खंगाले गए. इसके अलावा अधिकृत हस्ताक्षर और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच हुई और लॉकर में सुरक्षित दस्तावेजों का बैंक रिकॉर्ड से मिलान किया गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की कॉपियां और तकनीकी विवरण जुटाए गए. ये पूरा जांच प्रक्रिया बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई. इस दौरान ट्रस्ट के अधिकृत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. चढ़ावा चोरी मामले में वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल से पता चलता है कि एसआईटी की जांच में अब बैंकिंग दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ गए हैं.
आरोपियों और उनके परिजनोंकरीबियों की संपत्तियों की जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश के 12 जिलों तक पहुंच गई है, जिसमें आरोपियों, परिजनों और करीबियों की संपत्तियों की भी जांच होगी. इन 12 जिलों के डीएम से जमीन, मकान और निवेश का ब्यौरा मांगा गया है. वहीं, पुलिस भी करोड़ों के निवेश और वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा निकालने में जुटी हुई है. दरअसल, चढ़ावा चोरी की रकम से दूसरे जिलों में संपत्ति खरीदने का शक जताया जा रहा है. इसी को देखते हुए अयोध्या समेत 12 जिलों में पुलिस राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रही है. फिर रिपोर्ट मिलने के बाद बैंक लेनदेन से उसका मिलान किया जाएगा.
इन जिलों में खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अयोध्या के अलावा सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, बस्ती, लखनऊ, नोएडा, अंबेडकरनगर और बाराबंकी समेत करीब 12 जिलों में राजस्व रिकॉर्ड खंगाल रही है. संबंधित जिलों की टीमें यह पता लगा रही हैं कि पिछले कुछसालों में आरोपियों या उनके करीबियों के नाम पर कौनकौन सी संपत्तियां खरीदी गईं.
नई SIT ने बढ़ाया जांच का दायरा
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की नए सिरे से जांच शुरू की है. चूंकि शुरुआती जांच में भक्तों द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और कीमती आभूषणों के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे थे, जिसके बाद भक्तों ने अपने दान की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी. ऐसे में नई एसआईटी ने अब अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है.


