Fake Instagram Sexual Exploitation: नागपुर जिले में सोशल मीडिया पर हुई एक मासूम दोस्ती ने 16 वर्षीय किशोरी की जिंदगी को ऐसा दर्द दिया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर भरोसा जीता गया, फिर निजी तस्वीरों के सहारे ब्लैकमेल किया गया और आखिरकार धमकियों के दम पर लगातार यौन शोषण किया जाता रहा।

इस भयावह कहानी का अंत सोमवार देर रात तब हुआ जब हुड़केश्वर पुलिस ने दिघोरी स्थित एक किराये के कमरे का दरवाजा तोड़कर किशोरी को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने आरोपी निर्भय माधव पाखरे को गिरफ्तार कर लिया है।
वह ठाणे का रहने वाला है और बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। मां ठाणे शहर की नामांकित डॉक्टर है और पिता समाज सेवा में सक्रिय है। पीड़ित किशोरी 12वीं कक्षा की छात्रा है। पिता पड़ोसी जिले में उच्च पद पर कार्यरत हैं। रविवार सुबह किशोरी यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपनी सहेली से मिलने जा रही है।
सर्विलांस से किशोरी सुरक्षित बरामद
शाम 4 बजे तक वह घर नहीं लौटी तो मां ने उसे फोन किया। पीड़िता ने बताया कि वह सहेली के ही घर पर है और कुछ समय बाद घर लौट आएगी। कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटी तो परिजन परेशान हो गए। उसे दोबारा कॉल किया गया लेकिन फोन बंद था। ऐसे में चिंताग्रस्त मातापिता ने उसकी हर जगह तलाश की।
कोई सुराग नहीं मिलने पर रात 1 बजे हुड़केश्वर थाने में बेटी के लापता होने की सूचना दी। नाबालिग होने के कारण पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। पुलिस ने तत्काल उसके मोबाइल फोन को सर्विलांस पर डाल दिया। सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों का भी विश्लेषण किया गया। तब पता चला कि वह निर्भय के संपर्क में थी।
तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस किया गया। लोकेशन दिघोरी के एक किराये के कमरे में मिला। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया और भीतर से किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से किशोरी को ब्लैकमेल
चित्र देख पुलिस भी रह गई स्तब्ध
रात करीब 11 बजे पुलिस टीम जब कमरे के भीतर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। किशोरी डरीसहमी गंभीर मानसिक और शारीरिक पीड़ा में थी। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। महिला पुलिस कर्मियों ने तुरंत उसे सुरक्षित किया और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को देखते ही किशोरी फूटफूटकर रो पड़ी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह करीब 18 घंटे से कमरे में बंद थी। डर के कारण किशोरी उसकी प्रताड़ना सहती रही।
सोमवार रात निर्भय ने जो उसके साथ किया यह दर्शाता है कि वह मानसिक रूप से विकृत है। पलंग पर किशोरी के पास एक चाकू पड़ा था। निर्भय उसके पास चमड़े की बेल्ट लेकर खड़ा था। बच्ची के शरीर पर जख्मों के कई निशान थे जिससे हैवानियत दिखाई दे रही थी। महिला अधिकारियों ने सहारा देकर पीड़िता से पूछताछ की। तब पता चला कि निर्भय ने बीते वर्ष मई महीने में ‘आकाश मेहरा’ नाम से बनाया था। इसी के जरिए उसकी पहचान किशोरी से हुई।
फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से किशोरी को ब्लैकमेल
फोटो वायरल करने की धमकी
शुरुआत में सामान्य बातचीत होती रही लेकिन धीरेधीरे आरोपी ने उसका विश्वास जीत लिया। इसी दौरान उसने किशोरी की निजी तस्वीरें हासिल कर ली। इसके बाद आरोपी ने तस्वीरे पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बदनामी के डर और मानसिक दबाव में किशोरी उसकी हर बात मानने को मजबूर होती चली गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी जब भी नागपुर आता, पहले होटल और बाद में दिघोरी के किराये के कमरे में किशोरी को बुलाता था, विरोध करने पर वह निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देता था, पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की जांच कर रही है, यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं उसने इसी तरह अन्य किशोरियों को भी फर्जी पहचान के जरिए अपना शिकार तो नहीं बनाया।
2 दिन की पुलिस हिरासत
पुलिस ने निर्भय के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। मंगलवार की दोपहर उसे न्यायालय में पेश किया गया। अदालत से घटनाक्रम की बारीकी से जांच करने और पर्याप्त साक्ष्य जमा करने के लिए पुलिस हिरासत मांगी। वहीं निर्भय ने पुलिस पर ही उसके पैसे छीनने का आरोप लगा दिया।
काफी देर तक कोर्ट में गहमागहमी चलती रही। न्यायाधीश ने खुद निर्भय से पूछताछ की। इसके बाद उसे 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान, ऑनलाइन ब्लैकमेल और साइबर शोषण के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी है।
फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से किशोरी को ब्लैकमेल में आरोपी गिरफ्तार



