BSE Share Price:शेयर बाजार में हर निवेशक की यही कोशिश होती है कि उसका पैसा सही जगह लगे, जहां से उसे एक सुरक्षित और शानदार रिटर्न मिल सके. अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को किसी दमदार शेयर में निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो एशिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई का शेयर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. जून तिमाही के शानदार नतीजों के बाद बाजार के जानकारों का भरोसा इस कंपनी पर और गहरा हो गया है.

स्थिति यह है कि इस शेयर पर नजर रखने वाले 18 बड़े एनालिस्ट्स में से किसी एक ने भी इसे बेचने की सलाह नहीं दी है. इनमें से 11 विशेषज्ञों ने इसे तुरंत खरीदने की सिफारिश की है, जबकि 7 ने इसे अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने की बात कही है. इस साल अब तक यह शेयर 33 फीसदी की मजबूत छलांग लगा चुका है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इसमें काफी बढ़ गई है.
5 साल में 26 गुना मुनाफा अब आगे क्या?
अगर हम पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीएसई के शेयर ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है. बीते पांच सालों में इस स्टॉक ने 2,487.97 फीसदी की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी आम निवेशक ने पांच साल पहले इसमें अपना पैसा लगाया था, तो आज उसकी रकम करीब 26 गुना हो चुकी है. 5 अगस्त को दोपहर 12 बजे के करीब, यह शेयर 3.40 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 3,494 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. लंबी अवधि के नजरिए से यह गिरावट निवेशकों के लिए एक नया एंट्री पॉइंट बन सकती है.
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स ने तय किए नए टारगेट
बड़े ब्रोकरेज हाउसेज बीएसई के भविष्य को लेकर काफी उत्साहित हैं. ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने इस शेयर के लिए सबसे ऊंचा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. वहीं, ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर का मानना है कि यह शेयर 4,850 रुपये तक आसानी से पहुंच सकता है. विदेशी फर्म यूबीएस ने इसे ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देते हुए 4,500 रुपये का लक्ष्य रखा है, जबकि जेपी मॉर्गन ने 4,090 रुपये का टारगेट दिया है. जेफरीज ने निवेशकों को 3,520 रुपये के लक्ष्य के साथ इस शेयर में बने रहने की सलाह दी है. हालांकि, जेफरीज ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि दूसरी तिमाही में बीएसई के औसत दैनिक कारोबार में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है. फिलहाल यह शेयर वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित कमाई के 48 गुना पर ट्रेड कर रहा है.
एनएसई से कड़ी टक्कर के बीच बीएसई की नई तैयारी
स्टॉक एक्सचेंज के कारोबार में बीएसई का सीधा मुकाबला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से है. एनएसई अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इस साल इसका बहुप्रतीक्षित आईपीओ आने की पूरी संभावना है. इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच बीएसई ने अपने कारोबार को तेजी से विस्तार दिया है. जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 63 फीसदी बढ़ गया है. बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक्सचेंज का पूरा फोकस नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर है. हाल ही में एक्सचेंज ने फोकस्ड आईटी डेरिवेटिव्स, अतिरिक्त इंडेक्सबेस्ड डेरिवेटिव्स के साथ कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े खास प्रोडक्ट्स पेश किए हैं.
बाजार में किन शेयरों में दिखी हलचल
अगर 5 अगस्त के व्यापक बाजार की बात करें, तो शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला. सेंसेक्स 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 78,602 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इसके विपरीत, निफ्टी 0.16 फीसदी फिसलकर 24,574 पर आ गया. इस दिन बाजार में बॉश, डीएलएफ, हिंदुस्तान जिंक, अंबुजा सीमेंट्स जैसे शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिनमें 5 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया. दूसरी तरफ, जायडस, अपोलो हॉस्पिटल्स, टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा.


