
नई दिल्ली: परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में आए छात्र संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CGP) ने साफ कर दिया है कि उसका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। संगठन का कहना है कि वह आगे भी सरकारों और संबंधित संस्थानों पर दबाव बनाने वाले एक दबाव समूह (Pressure Group) के रूप में ही काम करेगा।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर करीब सात घंटे तक चली रणनीतिक बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न राज्यों के छात्र संगठनों के साथ समन्वय बढ़ाने और छात्र हितों से जुड़े आंदोलनों को समर्थन देने का फैसला लिया गया।
राजनीति में उतरने की खबरों का किया खंडन
बैठक के बाद अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का रूप लेना नहीं है। उन्होंने कहा कि सीजीपी केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है। उनका कहना था कि संगठन किसी राजनीतिक लाभ की बजाय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने पर ध्यान देगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार रहेगा मुख्य लक्ष्य
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका पूरा फोकस शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। इसमें परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना, जिम्मेदार व्यवस्था विकसित करना और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
सीजीपी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वह देशभर में छात्र संगठनों को साथ लेकर एक व्यापक अभियान शुरू करेगा। संगठन ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रूपरेखा और विभिन्न जिम्मेदारियों का औपचारिक ऐलान जल्द किया जाएगा।



