
बाराबंकी, अमृत विचार। करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी एक बार फिर रौद्र रूप में पहुंच गई है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया है। तराई के दर्जनों गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत है, वहीं नदी फिलहाल एक सेमी प्रति तीन घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। प्रशासन ने हालात पर निगरानी बनाए रखने का दावा किया है।
रामनगर प्रतिनिधि के अनुसार करीब साढ़े चार लाख पानी छोड़ने के अलावा मानसूनी बारिश की वजह से सरयू नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई है। नदी इस समय खतरे के निशान 106.070 से करीब 15 सेमी ऊपर 106.220 पर बह रही है और प्रति तीन घंटे पर नदी का एक सेमी बढ़ना जारी है। क्षेत्र में नदी किनारे बसे तपेसिपाह गांव में पानी घुसने के साथ ही यातायात व रेलवे पुल के किनारो पर नदी तेजी से कटान कर रही है।
रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसार नदी के रौद्र रूप ने तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ा दी है। पूरेडलई विकास खंड के खेतासराय गांव में तेज कटान के कारण सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समाती जा रही। वहीं दो दिन पहले बाढ़ का पानी घुसने से बेहाल हुए गुनौली गांव के ग्रामीण अब फिर से पानी आ जाने से घिर गए हैं। उनके सामने जीवनयापन की चुनौती आ खड़ी हुई है। जलस्तर बढ़ने के कारण कटान की रफ्तार भी कई गुना बढ़ गई और खेतों में खड़ी धान की फसल नदी के मुहाने पर है।
उधर तहसीलदार शशांक उपाध्याय राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। सूरतगंज प्रतिनिधि के अनुसार जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस बीच बढ़े जलस्तर का पानी सुंदरनगर समेत कई गांवों में जगह बना रहा है।
गुरुवार को उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता ने सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर बाढ़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और कटान संभावित क्षेत्रों का बारीकी से अवलोकन किया। अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि हुई है। क्षेत्रीय टीमें व प्रशासन अलर्ट है। शुक्रवार को प्रभावितों के बीच लंच पैकेट वितरित किए जाएंगे।



