
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक 72 वर्षीय रिटायर्ड मर्चेंट नेवी इंजीनियर को फेसबुक के जरिए जाल में फंसाकर ठगों ने करीब 1.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोपियों ने निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कानपुर के कोहना थाना पुलिस से की है। पुलिस ने साइबर ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
पीड़ित बुजुर्ग तिलक नगर इलाके में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फरवरी 2026 में फेसबुक के माध्यम से कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने निवेश के जरिए कम समय में अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद उन्हें ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे लगाने के लिए कहा गया। ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही बड़ा मुनाफा मिलेगा।
19 ट्रांजैक्शन में ट्रांसफर कराए 1.24 करोड़ रुपये
पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने 15 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 1,24,10,805 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआत में फर्जी वेबसाइट पर निवेश की रकम और कथित मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की गई। इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस ने 22 लाख रुपये फ्रीज कराए
मामले की जानकारी मिलने के बाद कानपुर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने ठगी से जुड़े बैंक खातों की जांच करते हुए करीब 22 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अब पुलिस बाकी रकम की बरामदगी और आरोपियों की पहचान में जुटी है।
हजारों खातों में भेजी गई ठगी की रकम
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक बड़ा साइबर ठगी नेटवर्क काम कर रहा है।
फिलहाल पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है, ताकि इस पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके।



