
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) महिलाओं में होने वाली आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसके कारण पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना और निचले पेट में दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों में अक्सर दावा किया जाता है कि चावल का मांड (चावल का पानी) यूटीआई में राहत दिला सकता है। लेकिन क्या यह दावा सही है? आइए जानते हैं आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा की राय।
क्या UTI का इलाज है चावल का मांड?
आयुर्वेद में चावल का मांड हल्का, पचने में आसान और शरीर को हाइड्रेट रखने वाला पेय माना जाता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती, जिससे कुछ लोगों को यूटीआई के दौरान आराम महसूस हो सकता है। हालांकि, ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि चावल का मांड बैक्टीरिया को खत्म करके यूटीआई का इलाज कर सकता है।
यदि यूटीआई बैक्टीरिया के कारण हुआ है, तो कई मामलों में डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक दवा की जरूरत पड़ सकती है।
चावल के मांड के संभावित फायदे
शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद
चावल का मांड एक तरल पेय है, जो शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी पीना यूटीआई के दौरान भी फायदेमंद माना जाता है।
पेशाब के दौरान होने वाली जलन में कुछ राहत
कुछ लोगों को ठंडा या हल्का तरल पेय लेने से पेशाब के दौरान होने वाली जलन में आराम महसूस हो सकता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति में समान प्रभाव नहीं दिखाता।
गर्मियों में उपयोगी पेय
गर्म मौसम में चावल का मांड शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे यूटीआई की दवा नहीं माना जाना चाहिए।
क्या इसमें चीनी या नमक मिलाकर पीना चाहिए?
कुछ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में चावल के मांड में चीनी, काला नमक या नींबू मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन यूटीआई को ठीक करने के लिए इन तरीकों के प्रभाव का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यदि आपको डायबिटीज है, तो चीनी मिलाकर इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
UTI में क्या करें?
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- पेशाब को लंबे समय तक न रोकें।
- निजी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
- साफ और सूती अंडरगारमेंट्स पहनें।
- यदि डॉक्टर दवा लिखें, तो पूरा कोर्स पूरा करें।
आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से पहले रखें सावधानी
आयुर्वेद में नारियल पानी, आंवला और कुछ अन्य जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है, लेकिन इनका उपयोग भी विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए। घरेलू नुस्खों के भरोसे गंभीर संक्रमण का इलाज करने की कोशिश न करें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि पेशाब में खून आए, तेज बुखार हो, कमर या पीठ में तेज दर्द हो, गर्भावस्था के दौरान यूटीआई के लक्षण हों या 24–48 घंटे में राहत न मिले, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण किडनी तक फैल सकता है।



