पटना
बिहार का पहला मछली प्रजनन बैंक सीतामढ़ी में खुला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया है। सीएम ने कहा है कि इससे रोजगार भी बढ़ेगा और हैचरी संचालकों को फायदा भी होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सीतामढ़ी के बखरी में बने बिहार के पहले फिश ब्रूड बैंक का शुभारंभ किया। राज्य में अब पहली बार फिश ब्रूड का उत्पादन और उन्नत मत्स्य बीज का वितरण शुरू होगा। इसके साथ ही सीतामढ़ी में 76.60 करोड़ की लागत से बनने वाले मिल्क पाउडर संयंत्र का भी कार्यारंभ किया। फिश ब्रूड का उत्पादन शुरू हो जाने से हैचरी संचालकों को राज्य में सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण प्रजनक मछली बीज उपलब्ध हो सकेगा।

रोगमुक्त मछली बीज तैयार होगा
इसका निर्माण 10.92 करोड़ की लागत से किया गया है। 40 एकड़ में फैले इस ब्रूड बैंक में आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से स्वस्थ, बड़े और आनुवंशिक रूप से उन्नत मछलियों को तैयार किया जाएगा, ताकि उनसे गुणवत्तापूर्ण और रोगमुक्त बीज तैयार किया जा सके।इससे भारतीय मेजर कार्प और मछलियों की अन्य प्रजातियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर सस्ता और शुद्ध बीज उपलब्ध होने से न सिर्फ मछली उत्पादन एवं रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। बाहरी राज्यों पर मत्स्य बीज की निर्भरता में कमी आएगी।
अत्याधुनिक मिल्क पाउडर संयंत्र बनेगा
इस दौरान सीतामढ़ी में 76.60 करोड़ की लागत से बनने जा रहे मिल्क पाउडर संयंत्र का भी मुख्यमंत्री ने कार्यारंभ किया। इस संयंत्र से उत्तर बिहार में दुग्ध प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। यह अत्याधुनिक और पूर्णतः स्वचालित मिल्क पाउडर संयंत्र होगा। इससे प्रतिदिन 30 मीट्रिक टन अतिरिक्त मिल्क पाउडर का उत्पादन होगा। इस पहल से उत्तर बिहार के दुग्ध उत्पादक किसानों से अतिरिक्त दूध की नियमित खरीद सुनिश्चित होगी। किसानों को बेहतर और स्थिर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मिल्क पाउडर के माध्यम से दूध का दीर्घकालिक भंडारण संभव होगा, जिससे बाजार में अतिरिक्त मांग की पूर्ति की जा सकेगी।
सुधा ब्रांड को मिलेगी मजबूती
इस मिल्क पाउडर संयंत्र के निर्माण से राज्य में दुग्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण क्षमता तथा विपणन को नई गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। राज्य की दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बिहार मिल्क पाउडर उत्पादन के क्षेत्र में अग्रसर होगा। इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि सुधा ब्रांड की बाजार क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।



