
लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि सोशल मीडिया भारत विरोधी ताकतों के लिए षड्यंत्र का तीसरा माध्यम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मंच का इस्तेमाल अफवाह फैलाने, समाज को गुमराह करने और भारत को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन के 101 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘काकोरी ट्रेन कांड शताब्दी वर्ष’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
‘विभाजन और षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ भारत’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत बिना किसी कारण के गुलाम नहीं बना। इसके पीछे देश के भीतर का विभाजन और भारत के खिलाफ रचे गए षड्यंत्र प्रमुख कारण थे। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ ताकतें जाति, धर्म और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। सीएम ने कहा कि इन षड्यंत्रों के लिए अब सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत विरोधी ताकतें अफवाहें फैलाकर और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज को गुमराह करने का काम कर रही हैं।
क्रांतिकारियों को इतिहास से दूर रखने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने युवा पीढ़ी को देश के क्रांतिकारियों के इतिहास से दूर रखा, उन्होंने उनके साथ अन्याय किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे क्रांतिकारियों को लोगों की स्मृति से दूर रखने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि लगातार यह प्रयास किया गया कि इन क्रांतिकारियों के नाम और उनके योगदान की जानकारी वर्तमान पीढ़ी तक न पहुंच सके।
चौरी चौरा के बाद आंदोलन स्थगित करने का किया जिक्र
सीएम योगी ने 1922 में गोरखपुर के चौरी चौरा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन स्थगित कर दिया था और खुद को इस प्रकरण से अलग कर लिया था। उन्होंने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय ने इन क्रांतिकारियों की ओर से मुकदमा लड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में कांग्रेस के दो नेताओं और वकीलों ने अदालत में इन क्रांतिकारियों के खिलाफ बहस की थी।
2014 के बाद क्रांतिकारियों को सम्मान देने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायकों को सम्मान दिलाने के लिए 2014 के बाद प्रयास तेज हुए। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर, वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खान से जुड़े स्मारकों को विकसित किया जा रहा है।
‘काकोरी डकैती’ नहीं, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि क्रांतिकारियों को उचित सम्मान देने के लिए इस ऐतिहासिक घटना को अब ‘काकोरी डकैती’ के बजाय ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में संदर्भित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने इसे डकैती कहा था और स्वतंत्र भारत में भी सत्ता में आए लोगों ने इसे ‘काकोरी डकैती कांड’ कहकर क्रांतिकारियों का अपमान जारी रखा। उन्होंने कहा कि घटना को उसके वास्तविक ऐतिहासिक संदर्भ और क्रांतिकारियों के योगदान के अनुरूप सम्मान दिया जाना चाहिए।



