Agra Police Raid On Fake Call Center: आगरा में पिछले कुछ दिनों से किराए के ठिकानों और बंद कमरों में चल रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पुलिस की निगरानी लगातार बढ़ती जा रही है। दो दिन पहले थाना सदर क्षेत्र में LIU की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मिनी सिनेमा हॉल और कैफे में छापेमारी कर करीब 20 प्रेमी जोड़ों को पकड़ा था। इस कार्रवाई के बाद भी संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों पर इसका असर नहीं पड़ा। अब थाना ताजगंज पुलिस ने एक फ्लैट में चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है।

शनिवार रात इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ताजगंज पुलिस ने थाना क्षेत्र स्थित एक किराए के फ्लैट पर छापा मारा। पुलिस की अचानक कार्रवाई से मौके पर मौजूद युवकयुवतियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कई युवकयुवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
छापेमारी के दौरान फ्लैट से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए जाने की बात सामने आई है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड ने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और कथित कॉल सेंटर के जरिए किस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
किराए का फ्लैट बना था कॉल सेंटर?
पुलिस अब फ्लैट के मालिक से भी पूछताछ की तैयारी में है। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि फ्लैट किसके नाम पर किराए पर लिया गया था, वहां कितने समय से गतिविधियां चल रही थीं और मकान मालिक को इसकी जानकारी थी या नहीं।
युवकयुवतियां पुलिस हिरासत में
में लिए गए युवकयुवतियों से उनके आपसी संबंध, काम की प्रकृति, कॉलिंग से जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस कथित कॉल सेंटर का संचालन स्थानीय स्तर पर हो रहा था या इसके तार आगरा से बाहर किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।
दो दिन में दो कार्रवाई, बढ़ी चिंता
खास बात यह है कि महज दो दिन के भीतर ने संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े दो अलगअलग ठिकानों पर कार्रवाई की है। पहले सदर क्षेत्र के कैफे और मिनी सिनेमा हॉल में कार्रवाई हुई और अब ताजगंज के किराए के फ्लैट में कथित कॉल सेंटर का मामला सामने आया है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की पड़ताल के साथसाथ हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद ही साफ हो सकेगा कि फ्लैट में वास्तव में किस तरह का कॉलिंग ऑपरेशन चल रहा था और इसके पीछे कौनकौन लोग जुड़े हुए थे।



