Ghaziabad snake bite: गाजियाबाद कमिश्नरी के मसूरी थाना क्षेत्र के गांव बयाना में रविवार की रात एक सांप ने 15 वर्षीय लड़की को हाथ में डंस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. मृतक किशोरी का नाम साक्षी बताया जा रहा है. पड़ोस में रहने वाले एक समाज सेवी अरुण चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया रविवार की रात लगभग 8:30 बजे गांव निवासी कल्लू की बेटी साक्षी अपने घर में जूठे बर्तन साफ कर रही थी. तभी कहीं से काले रंग का सांप आया और उसने उसके हाथ में डस लिया.

अरुण चंद्र ने बताया कि सांप द्वारा डसने की जानकारी जैसे ही लड़की के परिवार वालों को पता चली तो उसे इलाज के लिए अलगअलग निजी अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन सभी जगह चिकित्सकों ने साक्षी को मृत घोषित कर दिया. साक्षी की मां भी लगभग 15 वर्ष पहले सांप के डसने के कारण मौत हो गई थी. दरअसल, सावन का महीना है, जिसमें नाग देवता को पूजा जाता है. उनको भगवान शंकर के गले का हार भी कहा जाता है, लेकिन पिछले 15 दिनों में भगवान शंकर के गले के इस सर्पहार ने 18 लोगों को डस लिया है.
चार लोगों की जान की जा चुकी है जान
इनमें से समय पर इलाज मिलने से 12 लोगों की जान बच चुकी है. वहीं अस्पताल पहुंचने में देरी करने के कारण चार लोगों की मौत भी जा चुकी है. मिली जानकारी के मुताबिक, किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ था. सांप काटने से मरने वाले लोगों में एक कोतवाली थाना क्षेत्र के केला भट्टा का माली है, तो दो कावड़ियों की शिविर में सांप के काटने से मौत होने की बात कही जा रही है.
बारिश में गड्ढों से निकल आते हैं सांप
गाजियाबाद के जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एसपी पांडे ने बताया कि बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण अपने आप को सुरक्षित स्थान की तलाश में ले जाने के लिए जमीन के नीचे से सांप बिच्छू आदि जहरीले जीव बाहर निकल आते हैं. फिर खेतों, झाड़ियों, नालियों और कॉलोनियों में उनकी मौजूदगी बढ़ जाती है.
रात के अंधेरे में सांप दिखाई नहीं देते हैं, जिसके कारण सांप के डसने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने आगे बताया कि अगर किसी को सांप डस लेता है, तो उसे समय रहते अस्पताल लाना चाहिए. वक्त रहते अस्पताल लाने पर सांप के जहर को निसप्रभावी किया जा सकता है, जिससे व्यक्ति की जान बच जाती है.


