अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके शीर्ष अधिकारियों को अमेरिका से बहुत बड़ी कानूनी जीत हासिल हुई है. अमेरिकी अदालत द्वारा आपराधिक मामले को पूरी तरह खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए गौतम अडानी ने कहा है कि उनका न्याय प्रणाली और ‘रूल ऑफ लॉ’ पर विश्वास हमेशा से अटूट रहा है. इस फैसले के आते ही अडानी समूह की कंपनियों के प्रति निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है. इस फैसले के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है.

I welcome the US courts decision with humility and deep respect for the judicial process.
Throughout this challenging period, our faith in truth, fairness and the rule of law remained unwavering.
My deepest gratitude to those who never lost faith in us, in the system and in
— Gautam Adani August 10, 2026
अडानी ने एक्स पर पोस्ट किया बयान
अडानी ने X पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि मैं अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा भरोसा अटूट रहा. उन्होंने उन लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके ग्रुप, कानूनी व्यवस्था और “भारत की न्याय करने की क्षमता” पर भरोसा बनाए रखा. यह बयान तब आया जब अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज निकोलस गारौफिस ने धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के मुक़दमे को आगे न बढ़ाने के अमेरिकी न्याय विभाग के फ़ैसले के बाद अडानी के ख़िलाफ़ आपराधिक आरोप हटा दिए.
क्या था पूरा मामला?
गौतम अडानी और अडानी ग्रीन एनर्जी के सीनियर अधिकारियों पर अमेरिका में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने से जुड़े कथित आरोप लगाए गए थे. अडानी समूह ने इन आरोपों की शुरुआत से ही कड़ी निंदा की थी और इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया था. समूह का हमेशा से यह स्टैंड रहा है कि उसने सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वित्तीय व कानूनी मानदंडों का शतप्रतिशत पालन किया है.
इस फैसले के बड़े मायने
अडानी समूह के लिए यह फैसला सिर्फ एक कानूनी राहत नहीं है, बल्कि वैश्विक कारोबारी पटल पर खुद को निर्दोष साबित करने का सबसे बड़ा मील का पत्थर है. अमेरिका जैसे सख्त नियामक और न्यायिक ढांचे वाले देश में केस का निष्पक्ष रूप से खारिज होना यह संदेश देता है कि कॉरपोरेट गवर्नेंस के मामले में समूह के मानक अत्यंत मजबूत हैं. इस फैसले से समूह के आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स और फंडिंग योजनाओं को भी बड़ी गति मिलने की उम्मीद है.



