
लखनऊ, अमृत विचार। संसद में जारी गतिरोध को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने सरकार की ओर से चर्चा के लिए तय की जा रही समयसीमा पर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वास्तव में किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहती और संसद का मौजूदा सत्र जल्द खत्म करने के लिए उतावली है।
‘जवाब के लिए समयसीमा तय करना अलोकतांत्रिक’
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार जिस समयसीमा की बात कर रही है, वह अपने आप में अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि ऐसा जवाब नहीं बल्कि केवल बयानबाजी होगी। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि संसद में किसी सवाल का जवाब दिया जाए। उनके मुताबिक सरकार सत्र का समापन करने की जल्दबाजी में है।
‘जिम्मेदारी समय की शर्त से नहीं, उत्तरदायित्व से निभती है’
अखिलेश यादव ने कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही समय की किसी शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के तर्क से निभाई जाती है। उन्होंने इसे महज जिज्ञासा के सतही समाधान की औपचारिकता मानने के बजाय गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
अमित शाह ने विपक्ष से की थी सदन चलने देने की अपील
दरअसल, संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र देना चाहिए। अमित शाह के मुताबिक सरकार बुधवार दोपहर तीन बजे से रात तक और अगले दिन गुरुवार दोपहर तीन बजे तक भी चर्चा के लिए तैयार है।
‘एनडीए सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही नीट के मुद्दे पर चर्चा की बात कह चुके हैं। अमित शाह ने विपक्ष से सवाल किया कि अब उसे तय करना है कि वह चर्चा करना चाहता है या चर्चा से बचना चाहता है।



