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फिर बढ़ी इंफ्लेशन की टेंशन! जुलाई में लगातार 9वें महीने खुदरा महंगाई में इजाफा

जुलाई के महीने में महंगाई ने एक बार फिर जनता की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश की खुदरा महंगाई दर जून के 4.38% से बढ़कर जुलाई में 4.45% पर पहुंच गई है. यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है. इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह खानेपीने के सामान की आसमान छूती कीमतें हैं. जब भी खाने के सामान के दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर हर घर की रसोई और हर महीने के बजट पर पड़ता है. यह नया आंकड़ा इस साल लागू हुई नई सीपीआई सीरीज के बाद का सबसे उच्चतम स्तर भी है.

फिर बढ़ी इंफ्लेशन की टेंशन! जुलाई में लगातार 9वें महीने खुदरा महंगाई में इजाफा

रसोई का बजट बिगाड़ने वाली चीजें

अगर हम सिर्फ खानेपीने की चीजों की बात करें, तो कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स जून के 5.32% से उछलकर जुलाई में 5.52% हो गया है. दिलचस्प बात यह है कि शहरों के मुकाबले गांवों में खानेपीने की चीजें ज्यादा महंगी हुई हैं. इस बार आपकी थाली से प्याज, लहसुन और अदरक की दूरी बढ़ने वाली है. आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई में प्याज की महंगाई दर 4.73% से सीधे 22.54% तक पहुंच गई है. लहसुन की महंगाई 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई है, जबकि अदरक की कीमतों ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 50.41% से छलांग लगाकर 83.62% की जबरदस्त तेजी दर्ज की है.

हालांकि, कुछ सब्जियों ने थोड़ी राहत भी दी है. आलू की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 16.56% की गिरावट आई है. इसके अलावा भिंडी, मटर और टमाटर के दाम भी घटे हैं, जिससे सब्जी मंडी जाने पर ग्राहकों को थोड़ा सुकून मिल सकता है.

ट्रांसपोर्ट से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट तक की मार

महंगाई की यह मार सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके रहनसहन के कई दूसरे खर्चों पर भी इसका असर दिख रहा है. सफर करना भी अब थोड़ा महंगा हो गया है क्योंकि ट्रांसपोर्ट महंगाई दर 4.31% से बढ़कर 4.43% हो गई है. माल ढुलाई सेवाओं में यह आंकड़ा 7.77% दर्ज किया गया है.

दूसरी तरफ, आवास महंगाई दर 2.22% रही. अगर आप बाहर खाना खाने के शौकीन हैं या कपड़े खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बता दें कि रेस्तरां व आवास सेवाओं में 7.72% और कपड़ोंजूतों में 3.38% की महंगाई देखी गई है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा पर्सनल केयर, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चीजों का है, जहां महंगाई 14.77% के उच्च स्तर पर बनी हुई है. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में 1.34% और शिक्षा सेवाओं में 3.64% की दर से महंगाई बढ़ी है.

आरबीआई का नया अनुमान समझिए

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति ने 5 अगस्त को अपनी बैठक में कुछ अहम बातें कहीं. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को देखते हुए, आरबीआई ने वित्त वर्ष 202627 के लिए अपने महंगाई अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है. केंद्रीय बैंक का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई अपने चरम पर पहुंचेगी, लेकिन उसके बाद धीरेधीरे इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी.

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