
अमेरिका में एक सामान्य ट्रैफिक चेकिंग उस वक्त हिंसक हो गई, जब एक पुलिसकर्मी ने 18 साल की युवती को सड़क पर पटक दिया और उस पर मुक्के बरसा दिए। पूरी घटना पुलिस की डैशकैम में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में नागरिक अधिकारों के वकील बेन क्रंप ने Arkansas State Police से औपचारिक जांच और पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।यह घटना 1 अगस्त को अमेरिका के Arkansas में हुई। पोर्ट के मुताबिक, Arkansas State Trooper Moisses Arellano ने 18 वर्षीय Alisa Hackett को ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में रोका था। पुलिस के मुताबिक, युवती 60 मील प्रति घंटे की सीमा वाले इलाके में 71 मील प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रही थी। बाद में पुलिसकर्मी ने यह भी नोट किया कि युवती 21 साल से कम उम्र की थी और कार की पैसेंजर सीट पर शराब की एक ठंडी बोतल मौजूद थी।
डैशकैम फुटेज में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि ट्रूपर Arellano ने युवती को कार की डिक्की पर हाथ रखने और दो कदम पीछे आने के लिए कहा। इसके बाद उसने युवती से एक हाथ पीठ के पीछे रखने को कहा। लेकिन कुछ ही पल बाद पुलिसकर्मी ने उसे अचानक पकड़कर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद दोनों के बीच संघर्ष शुरू हो गया और पुलिसकर्मी ने युवती पर मुक्का मारा। वीडियो में युवती पुलिसकर्मी की कार्रवाई का विरोध करती सुनाई देती है। वह कहती है कि पुलिसकर्मी को उसे मुक्का मारने की इजाजत नहीं है।इसके जवाब में Arellano कथित तौर पर उसे धमकाते हुए कहता है कि अगर वह नहीं घूमी तो वह उसे दोबारा मुक्का मारेगा। इस बातचीत के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। Use-of-force रिपोर्ट में Trooper Arellano ने अलग पक्ष रखा है। उसके मुताबिक, युवती के खिलाफ कार्रवाई का फैसला तब लिया गया जब उसे पता चला कि कुछ दिन पहले भी इसी तरह के ट्रैफिक स्टॉप के दौरान युवती को चेतावनी दी गई थी।



