
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बीच एक और बड़े एक्सप्रेसवे के हिस्से के धंसने की खबर सामने आई है। करीब 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किए गए गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क का एक हिस्सा बैठ गया। घटना सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
421 किलोमीटर के पास धंसा सड़क का हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, उन्नाव से प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब 421 किलोमीटर के पास एक्सप्रेसवे के किनारे का हिस्सा धंसा हुआ दिखाई दिया। यहां लगभग 10 मीटर गहरा गड्ढा होने की जानकारी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित कार्यदायी संस्था की टीम और मजदूर मौके पर पहुंचे। बारिश के बीच ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया और मशीनों व डंपरों की मदद से धंसे हिस्से को भरने का काम किया गया।
बारिश के कारण रेनकट होने की बात
मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण रेनकट होने से सड़क के किनारे की मिट्टी कट गई और हिस्सा बैठ गया। अधिकारियों की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया।
हालांकि, अभी तक सड़क धंसने की सटीक वजह को लेकर कोई विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
उद्घाटन के कुछ महीनों बाद ही सामने आई समस्या
गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है और इसे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। यह उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरता है।
एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद जताई गई थी। ऐसे में निर्माण के कुछ ही समय बाद बारिश के दौरान सड़क का हिस्सा बैठने की तस्वीरें सामने आने से इसकी गुणवत्ता पर बहस शुरू हो गई है।
पहले भी सामने आ चुका है एक्सप्रेसवे धंसने का मामला
खास बात यह है कि इससे पहले भी प्रदेश में एक अन्य एक्सप्रेसवे के बारिश के दौरान धंसने की खबर सामने आई थी। अब गंगा एक्सप्रेसवे के हिस्से में भी ऐसी समस्या सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे निर्माण और बारिश के दौरान मिट्टी की स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, केवल सड़क के धंसने की घटना से निर्माण में कमी साबित नहीं होती। इसकी वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
UPEIDA ने दी सफाई
UPEIDA के मुताबिक, बड़े एक्सप्रेसवे के निर्माण में भारी मात्रा में मिट्टी की भराई की जाती है। पहली बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर मिट्टी बैठने या बारिश से कटाव जैसी समस्या सामने आ सकती है।
विभाग का कहना है कि तकनीकी टीमें मौके पर मौजूद हैं और आवश्यक सुधार का काम किया जा रहा है। साथ ही, एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से जारी रहने की बात कही गई है।
फिलहाल सड़क के धंसे हिस्से की मरम्मत जारी है। अब तकनीकी जांच के बाद ही साफ होगा कि यह समस्या सिर्फ बारिश से हुए कटाव और मिट्टी बैठने के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।



